अध्याय 3: संसद और कानूनों का निर्माण
सम्पूर्ण अध्याय नोट्स एवं बोर्ड परीक्षा मॉडल प्रश्न-पत्र (हल सहित)
1. संसद क्या है और इसकी क्या भूमिका है?
आजादी से पहले भारत में ब्रिटिश हुकूमत थी, जहाँ भारतीयों को अपनी बात कहने या कानून बनाने में हिस्सा लेने का कोई अधिकार नहीं था। लेकिन 1947 में जब देश आजाद हुआ, तो हमने लोकतंत्र की राह चुनी। लोकतंत्र में देश का असली मालिक देश की जनता होती है। जनता अपनी इस शक्ति का उपयोग अपने प्रतिनिधियों को चुनकर करती है।
2. भारतीय संसद के अंग (संरचना)
भारतीय संसद मुख्य रूप से राष्ट्रपति और दो सदनों से मिलकर बनती है:
१. राज्यसभा (उच्च सदन)
इसे 'राज्यों की परिषद' भी कहा जाता है। इसमें कुल 245 सदस्य होते हैं, जिनका चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से राज्यों की विधानसभाओं के विधायकों द्वारा किया जाता है। राज्यसभा देश के राज्यों के हितों का प्रतिनिधित्व करती है।
२. लोकसभा (निम्न सदन)
इसे 'लोगों की सभा' कहा जाता है। इसमें जनता द्वारा सीधे चुने गए कुल 543 निर्वाचित सदस्य होते हैं। लोकसभा की अवधि सामान्यतः 5 वर्ष की होती है। लोकसभा के पास देश के वित्तीय मामलों और बजट को लेकर विशेष और शक्तिशाली अधिकार होते हैं।
३. राष्ट्रपति
संसद का कोई भी विधेयक (Bill) तब तक कानून नहीं बनता जब तक उस पर लोकसभा और राज्यसभा की स्वीकृति के बाद देश के राष्ट्रपति के हस्ताक्षर न हो जाएं। राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के अभिन्न अंग होते हैं।
3. संसद के मुख्य कार्य क्या हैं?
संसद के पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ होती हैं, जिनमें मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
- राष्ट्रीय सरकार का चुनाव करना: लोकसभा चुनावों के बाद जिस राजनीतिक दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता है, राष्ट्रपति उसी दल के नेता को सरकार बनाने (प्रधानमंत्री पद) के लिए आमंत्रित करते हैं। प्रधानमंत्री अपनी मंत्रिपरिषद बनाते हैं।
- सरकार को नियंत्रित करना, मार्गदर्शन करना और जानकारी लेना: संसद सत्र के दौरान सांसद सरकार से प्रश्न पूछते हैं (जिसे 'प्रश्नकाल' कहा जाता है)। इसके माध्यम से संसद कार्यपालिका को जवाबदेह बनाती है।
- कानून बनाना: देश के लिए नए कानून बनाना और पुराने अप्रचलित कानूनों में संशोधन करना या उन्हें समाप्त करना संसद का सबसे प्रमुख कार्य है।
4. देश में नए कानून कैसे बनते हैं? (कानून निर्माण की प्रक्रिया)
- विधेयक (Bill) का प्रस्ताव: नए कानून का प्रस्ताव सबसे पहले एक 'विधेयक' के रूप में किसी भी सदन में पेश किया जाता है।
- चर्चा और मतदान: विधेयक पर सदन में विस्तार से बहस होती है और मतदान किया जाता है।
- दूसरे सदन की मंजूरी: पहले सदन से पास होने के बाद इसे स्वीकृति के लिए दूसरे सदन में भेजा जाता है।
- राष्ट्रपति की स्वीकृति: दोनों सदनों से पास होने के बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते ही वह विधेयक आधिकारिक 'कानून' (Law) बन जाता है।
RBSE कक्षा 8 बोर्ड परीक्षा अभ्यास प्रश्न-पत्र
विषय: सामाजिक और राजनीतिक जीवन - III | अध्याय 3: संसद और कानूनों का निर्माण
पूर्णांक: 25 अंक | समय: 45 मिनटखंड 'अ' : बहुविकल्पीय प्रश्न (4 × 1 = 4 अंक)
प्र.1 भारतीय संसद के मुख्य अंग कौन-कौन से हैं?
(अ) केवल लोकसभा और राज्यसभा (ब) लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति (स) प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद (द) उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रपति
✔ उत्तर: (ब) लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति
प्र.2 भारतीय संसद के 'निम्न सदन' या 'लोकसभा' में अधिकतम निर्वाचित सदस्यों की संख्या कितनी होती है?
(अ) 245 (ब) 250 (स) 543 (द) 545
✔ उत्तर: (स) 543
प्र.3 संसद में सरकार से सवाल पूछने और उसकी नीतियों की समीक्षा करने के लिए निर्धारित समय को क्या कहा जाता है?
(अ) शून्यकाल (ब) प्रश्नकाल (स) बजट सत्र (द) विश्राम काल
✔ उत्तर: (ब) प्रश्नकाल
प्र.4 किसी भी विधेयक (Bill) को कानून बनने के लिए अंत में किसके हस्ताक्षर या स्वीकृति की आवश्यकता होती है?
(अ) प्रधानमंत्री के (ब) लोकसभा अध्यक्ष के (स) राष्ट्रपति के (द) मुख्य न्यायाधीश के
✔ उत्तर: (स) राष्ट्रपति के
खंड 'ब' : अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (4 × 1 = 4 अंक)
प्र.5 संसद के 'उच्च सदन' को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: राज्यसभा।
प्र.6 भारत में आम चुनावों के बाद सरकार बनाने के लिए किस दल या गठबंधन के पास क्या होना आवश्यक है?
उत्तर: लोकसभा में स्पष्ट बहुमत।
प्र.7 विधेयक (Bill) किसे कहते हैं?
उत्तर: कानून का वह मसौदा या औपचारिक प्रस्ताव जो संसद में पेश किया जाता है, विधेयक कहलाता है।
प्र.8 देश के नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन में हिस्सा लेने का अधिकार कौन देता है?
उत्तर: भारत का संविधान और लोकतांत्रिक प्रणाली।
खंड 'स' : लघु उत्तरीय प्रश्न (3 × 3 = 9 अंक)
प्र.9 भारतीय संसद देश के लिए राष्ट्रीय सरकार का चुनाव कैसे करती है?
- लोकसभा चुनावों के बाद जिस राजनीतिक दल या गठबंधन को 543 में से स्पष्ट बहुमत मिलता है, उसे सरकार बनाने का आमंत्रण मिलता है।
- बहुमत प्राप्त दल के नेता को राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नियुक्त करते हैं।
- प्रधानमंत्री अन्य मंत्रियों का चयन करते हैं, जो सामूहिक रूप से संसद के प्रति जवाबदेह होते हैं।
प्र.10 संसद कार्यपालिका को नियंत्रित और जवाबदेह कैसे बनाती है? स्पष्ट कीजिए।
प्र.11 यदि संसद कोई अलोकप्रिय या अन्यायपूर्ण कानून पारित कर दे, तो नागरिक क्या कर सकते हैं?
खंड 'द' : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (2 × 4 = 8 अंक)
प्र.12 भारतीय संसद की संरचना को समझाइए तथा लोकसभा और राज्यसभा में अंतर स्पष्ट कीजिए।
संसद की संरचना: संसद राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा से मिलकर बनती है।
- लोकसभा (निम्न सदन): 543 निर्वाचित सदस्य होते हैं जिनका चुनाव सीधे जनता वयस्क मताधिकार द्वारा करती है। वित्तीय और बजट मामलों में लोकसभा सर्वोच्च होती है।
- राज्यसभा (उच्च सदन): इसमें 245 सदस्य होते हैं, जो राज्य विधानसभाओं के विधायकों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं। यह राज्यों के अधिकारों और संघीय ढांचे का प्रतिनिधित्व करती है।
प्र.13 संसद में किसी प्रस्ताव (विधेयक) से कानून बनने की पूरी प्रक्रिया को समझाइए।
- विधेयक की प्रस्तुति: कानून का मसौदा किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) में पेश किया जाता है।
- सदन में विचार-विमर्श: सदन के सदस्य प्रत्येक धारा पर गहन चर्चा करते हैं और मतदान द्वारा उसे पास करते हैं।
- दूसरे सदन की स्वीकृति: पहले सदन से पारित विधेयक को दूसरे सदन में भेजा जाता है जहाँ चर्चा के बाद मंजूरी मिलती है।
- राष्ट्रपति के हस्ताक्षर: दोनों सदनों से पारित होने के बाद विधेयक राष्ट्रपति के पास जाता है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते ही वह आधिकारिक कानून बन जाता है।

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