अध्याय 7: जनसुविधाएँ
सम्पूर्ण अध्याय नोट्स एवं बोर्ड परीक्षा मॉडल प्रश्न-पत्र (हल सहित)
1. जनसुविधाएँ (Public Facilities) क्या हैं?
हमारे दैनिक जीवन में ऐसी कई चीजें और सेवाएँ होती हैं जिनकी आवश्यकता हम सबको प्रतिदिन पड़ती है, जैसे— पीने के लिए स्वच्छ पानी, घरों और सड़कों पर जलने वाली बिजली, सार्वजनिक परिवहन (बसें और ट्रेनें), शिक्षण संस्थान और स्वास्थ्य सेवाएँ।
मुख्य विशेषता: किसी भी जनसुविधा की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि एक बार इसका बुनियादी ढाँचा निर्मित हो जाने पर, इसका लाभ समाज के अनगिनत लोग एक साथ साझा कर सकते हैं (जैसे एक बिजली सबस्टेशन या जलापूर्ति योजना से पूरा क्षेत्र लाभान्वित होता है)।
2. जनसुविधाओं में सरकार की भूमिका और जिम्मेदारी
जनसुविधाओं के निर्माण और संचालन का प्राथमिक दायित्व सरकार का होता है, जिसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- लाभ का उद्देश्य बनाम लोक कल्याण: निजी कंपनियाँ मुख्य रूप से लाभ (Profit) कमाने के उद्देश्य से कार्य करती हैं। जल संचयन, सीवरेज लाइन या दूरदराज के क्षेत्रों में स्कूल स्थापित करने में भारी पूँजी लगती है, जहाँ निजी क्षेत्र अधिक मुनाफा न होने के कारण रुचि नहीं लेता।
- समानता और गरिमा: यदि जनसुविधाएँ निजी कंपनियों के हवाले कर दी जाएँ, तो उनके अत्यधिक दामों के कारण निर्धन वर्ग इनसे पूरी तरह वंचित हो जाएगा।
- वित्त पोषण (बजट): सरकार जनता से एकत्र किए गए करों (Taxes) का उपयोग इन सार्वजनिक परियोजनाओं के निर्माण और रख-रखाव के लिए करती है ताकि हर वर्ग को उचित दर या निःशुल्क सुविधा मिले।
3. जल: जीवन का अधिकार और अनिवार्य जनसुविधा
संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त 'जीवन के अधिकार' में स्वच्छ पेयजल पाने के अधिकार को एक अभिन्न मौलिक अधिकार माना गया है।
• जल संकट एवं असमान वितरण
शहरी उच्चवर्गीय क्षेत्रों में दैनिक जलापूर्ति निर्बाध होती है, जबकि कच्ची बस्तियों (Slums) और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को टैंकरों या लंबी कतारों पर निर्भर रहना पड़ता है।
• दूषित जल और बीमारियाँ
अशुद्ध जल से हैजा, पेचिश और पीलिया जैसी जलजनित बीमारियाँ फैलती हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। अतः शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करना नगर निकायों का अनिवार्य कर्तव्य है।
4. जनसुविधाओं तक सबकी पहुँच का मूल्यांकन
एक कल्याणकारी और लोकतांत्रिक राज्य की सफलता इसी बात से तय होती है कि उसके अंतिम पंक्ति में खड़े नागरिक तक बुनियादी सुविधाएँ कितनी सहजता से पहुँच रही हैं।
- शिक्षा, स्वच्छता, सार्वजनिक परिवहन और स्वास्थ्य देखभाल जैसी सेवाओं का विकेंद्रीकरण किया जाना आवश्यक है।
- सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विकास योजनाओं में कोई भी भौगोलिक या सामाजिक वर्ग पीछे न छूटे।
RBSE कक्षा 8 बोर्ड परीक्षा अभ्यास प्रश्न-पत्र
विषय: सामाजिक और राजनीतिक जीवन - III | अध्याय 7: जनसुविधाएँ
पूर्णांक: 25 अंक | समय: 45 मिनटखंड 'अ' : बहुविकल्पीय प्रश्न (4 × 1 = 4 अंक)
प्र.1 निम्नलिखित में से कौन-सी एक प्रमुख जनसुविधा के अंतर्गत आती है?
(अ) साफ पीने का पानी (ब) बिजली की आपूर्ति (स) स्वास्थ्य और शिक्षा (द) उपर्युक्त सभी
✔ उत्तर: (द) उपर्युक्त सभी
प्र.2 जनसुविधाओं को सुलभ कराने की प्राथमिक जिम्मेदारी किसकी होती है?
(अ) केवल निजी कंपनियों की (ब) सरकार (शासन) की (स) केवल विदेशी निवेशकों की (द) बड़े व्यापारियों की
✔ उत्तर: (ब) सरकार (शासन) की
प्र.3 संविधान के किस मौलिक अधिकार के तहत 'स्वच्छ पेयजल' पाने के अधिकार को शामिल माना गया है?
(अ) स्वतंत्रता का अधिकार (ब) जीवन का अधिकार (अनुच्छेद 21) (स) धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (द) सांस्कृतिक अधिकार
✔ उत्तर: (ब) जीवन का अधिकार (अनुच्छेद 21)
प्र.4 सरकार जनसुविधाओं के निर्माण व रखरखाव के लिए मुख्य रूप से धन कहाँ से प्राप्त करती है?
(अ) जनता से वसूले जाने वाले करों (Taxes) से (ब) विदेशों से कर्ज लेकर (स) निजी चंदे से (द) लॉटरी से
✔ उत्तर: (अ) जनता से वसूले जाने वाले करों (Taxes) से
खंड 'ब' : अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (4 × 1 = 4 अंक)
प्र.5 'जनसुविधा' किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: वे अनिवार्य सार्वजनिक सेवाएँ जो समाज के सभी नागरिकों के सामान्य जीवन यापन के लिए जरूरी हैं, जनसुविधा कहलाती हैं (जैसे— सार्वजनिक परिवहन या जलापूर्ति)।
प्र.6 निजी कंपनियाँ बुनियादी जनसुविधाओं में निवेश करने से क्यों बचती हैं?
उत्तर: क्योंकि इनमें भारी पूँजीगत लागत आती है और तत्काल अधिक मुनाफा कमाने की संभावना कम होती है।
प्र.7 सरकार को जनसुविधाओं का दायित्व क्यों संभालना चाहिए?
उत्तर: ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित नागरिकों को भी रियायती दरों या निःशुल्क ये सेवाएँ प्राप्त हो सकें।
प्र.8 शहरों में पेयजल की सुचारू आपूर्ति करने की मुख्य जिम्मेदारी किसकी होती है?
उत्तर: स्थानीय नगर निगम या सरकारी जल बोर्ड की।
खंड 'स' : लघु उत्तरीय प्रश्न (3 × 3 = 9 अंक)
प्र.9 जनसुविधाओं की मुख्य विशेषताएँ क्या होती हैं? संक्षेप में समझाइए।
- जनसुविधाएँ मानव जीवन के अस्तित्व, स्वास्थ्य और गरिमा के लिए अपरिहार्य होती हैं।
- इनका एक बार निर्माण हो जाने पर इनका लाभ सामूहिक रूप से अनगिनत नागरिकों को मिलता है।
- इनका संचालन व्यावसायिक मुनाफे के बजाय लोक-कल्याण की भावना से किया जाता है।
प्र.10 जनसुविधाओं का निजीकरण करने पर समाज में क्या प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है?
प्र.11 स्वच्छ पेयजल को एक महत्वपूर्ण जनसुविधा क्यों माना गया है?
खंड 'द' : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (2 × 4 = 8 अंक)
प्र.12 जनसुविधाओं से क्या तात्पर्य है? सरकार द्वारा नागरिकों को ये उपलब्ध कराना क्यों आवश्यक है?
परिभाषा: समाज के समग्र विकास और नागरिकों के दैनिक जीवन को सुगम बनाने वाली बुनियादी सार्वजनिक सेवाएँ जनसुविधाएँ कहलाती हैं।
सरकार का उत्तरदायित्व:- सामाजिक समरसता व समानता: अमीर-गरीब के भेद को मिटाकर सभी को समान न्यूनतम जीवन स्तर उपलब्ध कराना।
- कल्याणकारी राज्य का लक्ष्य: संविधान के नीति निदेशक तत्वों के अनुसार जनसाधारण के स्वास्थ्य और शिक्षा का स्तर सुधारना सरकार का सर्वोच्च धर्म है।
- सस्ती एवं सर्वसुलभ सेवाएँ: सार्वजनिक कर प्रणाली से एकत्र धन से सरकार न्यूनतम लागत अथवा निःशुल्क सेवाएँ प्रदान कर सकती है।
प्र.13 भारत में जल आपूर्ति की प्रमुख समस्याओं और चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- भूजल का अतिदोहन: अत्यधिक दोहन से जलस्तर का निरंतर नीचे जाना तथा पारंपरिक जलस्रोतों का सूखना।
- वितरण में क्षेत्रीय असमानता: पॉश कॉलोनियों को नियमित पाइपलाइन से जल मिलना जबकि कच्ची बस्तियों में टैंकरों की अनियमित आपूर्ति होना।
- निजीकरण व टैंकर माफिया: जल आपूर्ति में निजी ठेकेदारों के एकाधिकार से पानी का अत्यधिक महंगा होना, जिसका सर्वाधिक दुष्प्रभाव दैनिक वेतनभोगियों पर पड़ता है।

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