हमारा राजस्थान
अध्याय 7: जनजागरण एवं सामाजिक सुधार हेतु राजकीय प्रयास
Complete Notes + Important Facts + RBSE Model Question Paper 2027
1. अध्याय का परिचय एवं उद्देश्य
राज्य सरकार नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और समाज में समानता स्थापित करने के लिए निरंतर लोक कल्याणकारी प्रयास करती है।
इस अध्याय में हम राजस्थान में भूमि सुधार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा के अधिकार और प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानेंगे।
2. भूमि सुधार और भूदान आंदोलन
आर्थिक विषमता
आजादी के समय देश में भूमि के स्वामित्व को लेकर भारी असमानता थी, जहाँ कुछ लोगों के पास हजारों बीघा जमीन थी तो कई किसानों के पास एक इंच भी भूमि नहीं थी।
भूदान आंदोलन
आचार्य विनोबा भावे की अपील पर इस असमानता को दूर करने के लिए सबसे पहले तेलंगाना के पोचमपल्ली गाँव से भूदान आंदोलन शुरू किया गया था।
कानूनी प्रयास
- राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955
- राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956
- ग्रामदान अधिनियम, 1991
3. सामाजिक न्याय और छुआछूत का अंत
संवैधानिक प्रावधान
भारतीय संविधान के अनुसार राज्य किसी भी व्यक्ति के साथ धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा।
4. महिला सशक्तिकरण और बालिका विकास
महिला साक्षरता
स्वतंत्रता के समय राजस्थान में महिला साक्षरता की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। 1951 में महिला साक्षरता मात्र 2.51% थी, जो बढ़कर 2011 की जनगणना में 52.12% हो गई।
महिलाओं का सशक्तिकरण सरकार की मुख्य प्राथमिकता रही है।
प्रमुख योजनाएँ एवं कानून
- घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (2005): महिलाओं को घरेलू हिंसा से सुरक्षा और तुरंत राहत देने के लिए यह कानून लागू किया गया।
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए योजना।
- राजश्री योजना: बालिका विकास एवं शिक्षा को प्रोत्साहित करने की योजना।
- आई.एम. शक्ति फंड (I Am Shakti Fund): महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए फंड।
5. सुशासन, शिक्षा और जन कल्याणकारी योजनाएँ
सूचना का अधिकार — RTI
आम जनता को प्रशासन के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए संघर्षों के परिणामस्वरूप सन 2000 में राजस्थान सूचना का अधिकार कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य बना।
इसके बाद 2005 में संपूर्ण देश में केंद्रीय आरटीआई कानून लागू हुआ।
शिक्षा का अधिकार
बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने के लिए आरटीई अधिनियम लागू किया गया है।
जन आधार योजना — 2019
सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पारदर्शी और सरल तरीके से सीधे उनके बैंक खातों में पहुँचाने के लिए राजस्थान जन आधार योजना (2019) शुरू की गई।
स्वास्थ्य योजनाएँ
आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत नागरिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है।
सतत विकास लक्ष्य — SDGs 2030
- गरीबी का अंत
- भुखमरी समाप्त करना
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- लैंगिक समानता
- स्वास्थ्य एवं कल्याण
- शुद्ध जल एवं स्वच्छता
- किफायती एवं स्वच्छ ऊर्जा
- जलवायु परिवर्तन से बचाव
- शांतिपूर्ण एवं सुदृढ़ संस्थाओं का विकास
RBSE कक्षा 8 मॉडल प्रश्न पत्र - 2027
विषय: हमारा राजस्थान | अध्याय 7
जन जागरण एवं सामाजिक सुधार हेतु राजकीय प्रयास
- भूमि की असमानता दूर करने के लिए 'राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955' लागू किया गया।
- भू-राजस्व व्यवस्था को व्यवस्थित करने हेतु 'राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956' बनाया गया।
- भूमि सुधारों को आगे बढ़ाते हुए 'ग्रामदान अधिनियम, 1991' भी पारित किया गया।
- घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (2005): महिलाओं को घरेलू हिंसा से तुरंत राहत दिलाने के लिए।
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना: कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु।
- आई.एम. शक्ति फंड: महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए।
- सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जनता के प्रति प्रशासन की जवाबदेही तय करने के लिए राजस्थान में मजबूत संघर्ष हुआ।
- इसी जन-आंदोलन के दबाव के चलते राजस्थान सन 2000 में सूचना का अधिकार कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य बना।
जन आधार योजना (2019): सरकार की सभी लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक सरलता, सुगमता और पारदर्शी तरीके से पहुँचाने के लिए यह योजना शुरू की गई।
इसके तहत प्रत्येक परिवार को 'जन आधार कार्ड' दिया जाता है जो पहचान और योजनाओं के लाभ का मुख्य आधार है।
स्वास्थ्य योजनाएँ: 'आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना' के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
परिचय: यूएनओ (UNO) के सदस्य देशों द्वारा 2015 में एक सतत विकास एजेंडा अपनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य दुनिया से सभी रूपों में गरीबी और भुखमरी को समाप्त करना है।
प्रमुख लक्ष्य (कुल 17 लक्ष्य): इसमें 17 वैश्विक लक्ष्य तय किए गए हैं, जिनमें मुख्य हैं—
- गरीबी और भुखमरी का पूर्ण अंत।
- अच्छा स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।
- लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण।
- शुद्ध जल और स्वच्छता, तथा किफायती व स्वच्छ ऊर्जा।
- जलवायु परिवर्तन से बचाव और शांतिपूर्ण व सुदृढ़ संस्थाओं का विकास।
⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| विषय | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| भूदान आंदोलन | आचार्य विनोबा भावे |
| भूदान आंदोलन की शुरुआत | तेलंगाना का पोचमपल्ली गाँव |
| राजस्थान में भूदान की शुरुआत | नागौर जिला |
| अनुच्छेद 17 | छुआछूत का उन्मूलन |
| महिला साक्षरता 2011 | 52.12% |
| जन आधार योजना | 2019 |
| SDGs | 17 लक्ष्य — 2030 |
| राजस्थान RTI कानून | वर्ष 2000 |
🎯 परीक्षा उपयोगी सुझाव
- अनुच्छेद 17 — छुआछूत का उन्मूलन याद रखें।
- भूदान आंदोलन — आचार्य विनोबा भावे से संबंधित है।
- राजस्थान में भूदान आंदोलन की शुरुआत — नागौर जिले से।
- राजस्थान RTI कानून — वर्ष 2000।
- जन आधार योजना — वर्ष 2019।
- SDGs — 17 लक्ष्य और लक्ष्य वर्ष 2030।
- महिला साक्षरता 2011 — 52.12 प्रतिशत।

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