कक्षा 8 भूगोल अध्याय 3 कृषि नोट्स और महत्वपूर्ण मॉडल प्रश्न 2027 | Geography Class 8 Chapter 3 Notes in Hindi

🌾 भूगोल: कक्षा 8 🌾

अध्याय 3 — कृषि

संसाधन और विकास

📚 RBSE मॉडल प्रश्न पत्र — 2027

1. कृषि (Agriculture) का परिचय

🌱 शब्द की उत्पत्ति:

'एग्रीकल्चर' (Agriculture) शब्द लैटिन भाषा के शब्द 'एगर' (ager) जिसका अर्थ 'मृदा या भूमि' होता है, और 'कल्चर' (culture) जिसका अर्थ 'जुताई या संवर्धन' होता है, से मिलकर बना है।

आर्थिक गतिविधियाँ

पौधों को फिनिश उत्पाद (जैसे पौधे से आटा और उससे ब्रेड या बिस्कुट) में बदलने की प्रक्रिया में तीन प्रकार की आर्थिक गतिविधियाँ शामिल होती हैं:

  1. प्राथमिक गतिविधियाँ (Primary Activities): इसके अंतर्गत प्राकृतिक संसाधनों के उत्पादन और निष्कर्षण से जुड़ी गतिविधियाँ आती हैं, जैसे— कृषि, मछली पकड़ना और संग्रहण।
  2. द्वितीयक गतिविधियाँ (Secondary Activities): ये इन संसाधनों के प्रसंस्करण (Processing) से संबंधित हैं, जैसे— इस्पात का विनिर्माण, ब्रेड पकाना और कपड़ा बुनना।
  3. तृतीयक गतिविधियाँ (Tertiary Activities): ये सेवाओं के माध्यम से प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रों को समर्थन प्रदान करती हैं, जैसे— परिवहन, व्यापार, बैंकिंग, बीमा और विज्ञापन।
महत्व:

कृषि एक प्राथमिक गतिविधि है। दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी कृषि कार्यों में लगी है, जबकि भारत की दो-तिहाई आबादी अभी भी कृषि पर निर्भर करती है। खेती के लिए अनुकूल स्थलाकृति और जलवायु का होना बहुत जरूरी है। जिस भूमि पर फसलें उगाई जाती हैं, उसे कृषि योग्य भूमि (Arable Land) कहा जाता है।

2. कृषि प्रणाली (Farm System)

कृषि या खेती को एक 'प्रणाली' (System) के रूप में देखा जा सकता है, जिसके मुख्य तीन भाग होते हैं:

🔹 निवेश (Inputs):

इसमें बीज, उर्वरक, मशीनरी और श्रमिक शामिल होते हैं। इसके अलावा भौतिक निवेश (जैसे धूप, वर्षा, तापमान, मिट्टी और ढलान) तथा मानवीय निवेश (जैसे श्रम, भंडारण, मशीनरी और रसायन) भी जरूरी होते हैं।

🔹 प्रक्रियाएँ (Processes):

इसके अंतर्गत जुताई (Ploughing), बुआई (Sowing), सिंचाई, निराई और कटाई जैसी संक्रियाएँ शामिल हैं।

🔹 उत्पाद (Outputs):

इस प्रणाली के अंत में फसलें, ऊन, डेयरी और कुक्कुट (Poultry) उत्पाद प्राप्त होते हैं।

3. कृषि के प्रकार (Types of Farming)

विश्व में भौगोलिक दशाओं, उत्पादों की माँग, श्रम और प्रौद्योगिकी के स्तर के आधार पर खेती को मुख्य रूप से दो प्रकारों में बाँटा गया है:

(क) निर्वाह कृषि (Subsistence Farming)

यह प्रकार किसान के परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाता है। इसमें पारंपरिक रूप से कम स्तर की प्रौद्योगिकी और पारिवारिक श्रम का उपयोग किया जाता है। इसे आगे दो भागों में बाँटा गया है:

1. गहन निर्वाह कृषि (Intensive Subsistence Agriculture)

इसमें किसान छोटे भूखंड पर साधारण औजारों और अधिक श्रम का उपयोग करता है। अधिक धूप वाले दिनों की जलवायु और उपजाऊ मिट्टी के कारण एक ही भूखंड पर साल में एक से अधिक फसलें उगाई जाती हैं। चावल मुख्य फसल है। यह दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और पूर्व एशिया के घनी आबादी वाले मानसून क्षेत्रों में प्रचलित है।

2. आदिम निर्वाह कृषि (Primitive Subsistence Agriculture)

इसमें स्थानांतरित कृषि (Shifting Cultivation) और घुमंतू पशुचारण (Nomadic Herding) शामिल हैं।

स्थानांतरित कृषि: इसे 'कर्तन एवं दहन' (Slash and Burn) कृषि भी कहते हैं। अमेजन बेसिन, उष्णकटिबंधीय अफ्रीका और पूर्वोत्तर भारत के घने जंगलों में पेड़ों को काटकर और जलाकर राख को मिट्टी में मिलाया जाता है और फसलें उगाई जाती हैं। उर्वरता कम होने पर भूमि छोड़कर नए प्लॉट पर जाया जाता है। इसे अलग-अलग देशों में अलग नामों से जानते हैं जैसे— उत्तर-पूर्व भारत में झूमिंग, मैक्सिको में मिलपा, ब्राजील में रोका, और मलेशिया में लदांग।

घुमंतू पशुचारण: इसमें पशुओं के चारे और पानी के लिए चरवाहे निश्चित मार्गों पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते हैं (जैसे सहारा, मध्य एशिया और राजस्थान या जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में)।

(ख) वाणिज्यिक कृषि (Commercial Farming)

इसमें फसलें उगाने और पशु पालने का मुख्य उद्देश्य बाजार में बेचना होता है। इसमें अधिक पूँजी और बड़ी मशीनों का उपयोग किया जाता है। इसके अंतर्गत वाणिज्यिक अनाज कृषि, मिश्रित कृषि और रोपण कृषि आती हैं।

🌿 रोपण कृषि (Plantations):

यह वाणिज्यिक खेती का एक प्रकार है जिसमें चाय, कॉफी, गन्ने, काजू, रबर, केला या कपास जैसी एक ही फसल उगाई जाती है। इसमें बड़े पैमाने पर श्रम और पूँजी की आवश्यकता होती है। जैसे— मलेशिया में रबर, ब्राजील में कॉफी, और भारत व श्रीलंका में चाय।

4. मुख्य फसलें (Major Crops)

🍚 चावल (Rice):

यह दुनिया की मुख्य खाद्य फसल है और उष्णकटिबंधीय व उप-उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों का मुख्य आहार है। इसके लिए उच्च तापमान, उच्च आर्द्रता और वर्षा तथा उपजाऊ चिकनी (Alluvial Clayey) मिट्टी चाहिए जो पानी रोक सके। चीन और भारत इसके अग्रगण्य उत्पादक हैं।

🌾 गेहूं (Wheat):

इसके लिए वर्धन काल में मध्यम तापमान और वर्षा तथा कटते समय तेज धूप चाहिए। यह सुप्रवाहित दोमट मिट्टी में सबसे अच्छी तरह उगता है।

🌾 मिलेट्स (Millets):

इन्हें मोटे अनाज (Coarse Grains) भी कहते हैं। ये कम उपजाऊ और बालू वाली मिट्टी पर भी उग सकते हैं (जैसे ज्वार, बाजरा और रागी)।

🌽 मक्का (Maize):

इसके लिए मध्यम तापमान, वर्षा और बहुत अधिक धूप तथा उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है। इसे 'कॉर्न' भी कहा जाता है।

🌿 कपास (Cotton):

उच्च तापमान, हल्की वर्षा, 210 पाला-रहित दिन और तेज धूप इसकी वृद्धि के लिए आवश्यक है। यह काली और जलोढ़ मिट्टी में सबसे अच्छा उगता है। यह सूती वस्त्र उद्योग के लिए मुख्य कच्चा माल है।

🌱 जूट (Jute):

इसे 'सुनहरा रेशा' (Golden Fibre) भी कहते हैं। यह जलोढ़ मिट्टी, उच्च तापमान, भारी वर्षा और आर्द्र जलवायु में उगता है। भारत और बांग्लादेश इसके मुख्य उत्पादक हैं।

☕ कॉफी और चाय:

कॉफी के लिए गर्म और नम जलवायु तथा दोमट ढलान वाली मिट्टी चाहिए। चाय एक पेय फसल है जिसे ठंडी जलवायु और साल भर वितरित होने वाली उच्च वर्षा की आवश्यकता होती है।

5. कृषि विकास (Agricultural Development)

अर्थ:

बढ़ती जनसंख्या की माँग को पूरा करने के लिए कृषि उत्पादन को बढ़ाने के किए जाने वाले प्रयासों को कृषि विकास कहा जाता है। इसे बोए गए क्षेत्र को बढ़ाकर, फसलों की संख्या बढ़ाकर, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करके और उर्वरकों व उच्च उपज देने वाली किस्मों (HYV) के बीजों का उपयोग करके प्राप्त किया जाता है।

भारत और अमेरिका की कृषि की तुलना

🇮🇳 भारत का फार्म:

भारत में जोत का आकार बहुत छोटा होता है (जैसे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के मुन्नालाल जैसे छोटे किसानों के पास लगभग 1.5 हेक्टेयर जमीन होती है), जहाँ वे पारंपरिक या आंशिक रूप से आधुनिक तरीकों से खेती करते हैं।

🇺🇸 अमेरिका का फार्म:

अमेरिका में एक फार्म का औसत आकार बहुत बड़ा होता है (लगभग 250 से 300 हेक्टेयर), जहाँ inputs वैज्ञानिक तरीके से कंप्यूटर, उपग्रह (Satellite) और बड़ी मशीनों (ट्रैक्टर, सीड ड्रिल, हार्वेस्टर) के जरिए उपयोग किए जाते हैं, और अमेरिकी किसान एक व्यवसायी की तरह काम करता है।

📚 RBSE कक्षा 8 मॉडल प्रश्न पत्र - 2027

विषय: भूगोल (संसाधन और विकास)
अध्याय 3: कृषि
पूर्णांक: 25 अंक | समय: 45 मिनट

खंड 'अ' : बहुविकल्पीय प्रश्न

(प्रत्येक प्रश्न 1 अंक - कुल 4 अंक)

प्र.1 'एग्रीकल्चर' (Agriculture) शब्द लैटिन भाषा के किस शब्द से बना है जिसका अर्थ 'मृदा या भूमि' होता है?

(अ) कल्चर   (ब) एगर (Ager)   (स) फार्म   (द) कर्तन

उत्तर: (ब) एगर (Ager)

प्र.2 निम्नलिखित में से कौन-सी एक 'प्राथमिक गतिविधि' का उदाहरण है?

(अ) इस्पात का विनिर्माण   (ब) ब्रेड पकाना   (स) कृषि करना   (द) वस्त्र बुनना

उत्तर: (स) कृषि करना

प्र.3 किस रेशे को 'सुनहरा रेशा' (Golden Fibre) के नाम से भी जाना जाता है?

(अ) कपास   (ब) जूट   (स) रबर   (द) ऊन

उत्तर: (ब) जूट

प्र.4 उत्तर-पूर्व भारत में 'स्थानांतरित कृषि' को किस नाम से जाना जाता है?

(अ) मिलपा   (ब) रोका   (स) झूमिंग (Jhumming)   (द) लदांग

उत्तर: (स) झूमिंग (Jhumming)

खंड 'ब' : अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

(प्रत्येक प्रश्न 1 अंक - कुल 4 अंक)

प्र.5 कृषि किसे कहते हैं?

उत्तर: मृदा पर खेती करने, फसलें उगाने और पशु पालने के विज्ञान एवं कला को कृषि कहा जाता है।

प्र.6 वाणिज्यिक कृषि से क्या तात्पर्य है?

उत्तर: वह कृषि जिसमें फसलें उगाने और पशु पालने का मुख्य उद्देश्य उत्पाद को बाजार में बेचना होता है, वाणिज्यिक कृषि कहलाती है।

प्र.7 'रोपण कृषि' (Plantation Agriculture) की एक मुख्य विशेषता लिखिए।

उत्तर: इसमें चाय, कॉफी या रबर जैसी किसी एक फसल की विशाल पैमाने पर खेती की जाती है, जिसमें अधिक श्रम और पूँजी लगती है।

प्र.8 भारत में खाद्यान्न के रूप में उगाई जाने वाली मुख्य फसल का नाम लिखिए।

उत्तर: चावल (Rice)।

खंड 'स' : लघु उत्तरीय प्रश्न

(प्रत्येक प्रश्न 3 अंक - कुल 9 अंक)

प्र.9 प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक गतिविधियों में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:
  • प्राथमिक गतिविधियाँ: ये सीधे प्राकृतिक संसाधनों के उत्पादन और निष्कर्षण से जुड़ी होती हैं (जैसे— कृषि और मछली पकड़ना)।
  • द्वितीयक गतिविधियाँ: ये प्राथमिक संसाधनों के प्रसंस्करण (Processing) से संबंधित होती हैं (जैसे— इस्पात बनाना या ब्रेड पकाना)।
  • तृतीयक गतिविधियाँ: ये प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रों को अपनी सेवाओं का समर्थन देती हैं (जैसे— परिवहन, बैंकिंग और व्यापार)।

प्र.10 निर्वाह कृषि और वाणिज्यिक कृषि के बीच मुख्य अंतर बताइए।

उत्तर:
  • निर्वाह कृषि: यह किसान के परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए की जाती है, जिसमें कम तकनीक और पारिवारिक श्रम का उपयोग होता है।
  • वाणिज्यिक कृषि: यह मुख्य रूप से बाजार में फसलें बेचने के लिए की जाती है, जिसमें बड़े भूभाग, भारी पूँजी और आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाता है।

प्र.11 कपास की खेती के लिए कौन-सी भौगोलिक और climatic दशाएँ आवश्यक हैं?

उत्तर:
  • उच्च तापमान और हल्की वर्षा।
  • लगभग 210 पाला-रहित दिन और तेज धूप।
  • यह काली और जलोढ़ मिट्टी में सबसे अच्छी तरह उगती है।

खंड 'द' : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

(प्रत्येक प्रश्न 4 अंक - कुल 8 अंक)

प्र.12 कृषि प्रणाली (Farm System) को एक निवेश, प्रक्रिया और उत्पाद के रूप में विस्तार से समझाइए।

उत्तर:
  • निवेश (Inputs): कृषि एक प्रणाली है जिसमें महत्वपूर्ण निवेश बीज, उर्वरक, मशीनरी, श्रमिक, पानी, धूप और तापमान जैसी भौतिक व मानवीय चीजें हैं।
  • प्रक्रिया (Processes): इन निवेशों को खेत में लागू करने के लिए कई संक्रियाएँ की जाती हैं, जैसे— जुताई (Ploughing), बुआई (Sowing), सिंचाई, निराई और कटाई।
  • उत्पाद (Outputs): इस पूरी प्रक्रिया के परिणामस्वरूप जो अंत में प्राप्त होता है, उसे उत्पाद कहते हैं, जिसमें मुख्य रूप से फसलें, ऊन, डेयरी और कुक्कुट उत्पाद शामिल हैं।

प्र.13 भारत (विकासशील देश) और संयुक्त राज्य अमेरिका (विकसित देश) के फार्म की जीवनशैली और कृषि पद्धतियों में क्या अंतर है? वर्णन कीजिए।

उत्तर:

भारत का फार्म (जैसे मुन्नालाल का उदाहरण): भारत में जोत का आकार बहुत छोटा होता है (लगभग 1.5 हेक्टेयर)। किसान परिवार के साथ मिलकर पारंपरिक या किराए के ट्रैक्टर व नलकूप की मदद से खेती करता है। यहाँ कृषि मुख्य रूप से पारिवारिक निर्वाह और स्थानीय मंडियों पर आधारित होती है।

अमेरिका का फार्म (जैसे जो होरान का उदाहरण): अमेरिका में फार्म का औसत आकार बहुत बड़ा (लगभग 250 से 300 हेक्टेयर) होता है। वहाँ किसान एक व्यवसायी की तरह रहता है। खेती पूरी तरह मशीनीकृत होती है, जिसमें कंप्यूटर, उपग्रह से जुड़ी तकनीक, विमानों द्वारा कीटनाशक छिड़काव और स्वचालित भंडारण प्रणालियों का उपयोग किया जाता है।

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