RBSE Class 8 Geography Chapter 2 Notes & Model Questions: भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन
भूगोल: कक्षा 8
अध्याय 2 — भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन
RBSE अध्ययन सामग्री एवं मॉडल प्रश्न पत्र — 2027
1. भूमि संसाधन (Land Resources)
भूमि का महत्व
भूमि सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों में से एक है। यह पृथ्वी की कुल सतह का केवल लगभग 30 प्रतिशत भाग ही घेरती है और इस छोटे से हिस्से के सभी भाग रहने योग्य (Habitable) नहीं हैं।
असामान्य वितरण
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जनसंख्या का असमान वितरण मुख्य रूप से भूमि और जलवायु की अलग-अलग विशेषताओं के कारण है। ऊबड़-खाबड़ स्थलाकृति, पर्वतों के तीव्र ढलान, जलभराव वाले निम्न क्षेत्र, मरुस्थल और घने जंगल वाले क्षेत्र सामान्यतः विरल बसे या निर्जन हैं।
इसके विपरीत मैदान और नदी घाटियाँ कृषि के लिए उपयुक्त भूमि प्रदान करती हैं, इसलिए वहाँ घनी आबादी निवास करती है।
भूमि उपयोग (Land Use)
भूमि का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है, जैसे— कृषि, वानिकी (Forestry), खनन, घर बनाना, सड़कें और उद्योग स्थापित करना। इसे सामान्यतः भूमि उपयोग कहा जाता है।
स्वामित्व के आधार पर भूमि का वर्गीकरण
पर्यावरण के लिए खतरे
बढ़ती जनसंख्या और उनकी बढ़ती माँगों के कारण भूमि का बड़े पैमाने पर क्षरण हो रहा है। भूमि निम्नीकरण (Land Degradation), भूस्खलन (Landslides), मृदा अपरदन और मरुस्थलीकरण पर्यावरण के लिए प्रमुख खतरे बनते जा रहे हैं।
2. भूस्खलन (Landslides)
अर्थ
भूस्खलन को सामान्यतः चट्टानों, मलबे या मिट्टी के ढलान से नीचे की ओर भारी मूवमेंट के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह प्रायः भूकंप, बाढ़ और ज्वालामुखी के साथ घटित होता है।
निवारण तंत्र (Mitigation Mechanism)
- Hazard Mapping: भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों की पहचान करना और वहाँ बस्तियों के निर्माण से बचना।
- प्रतिधारण दीवार (Retention Wall): ढलान को खिसकने से रोकने के लिए प्रतिधारण दीवार का निर्माण करना।
- वनस्पति आवरण (Vegetation Cover): भूस्खलन को रोकने के लिए वनस्पति आवरण में वृद्धि करना।
- सतही जल निकासी नियंत्रण: वर्षा के पानी और झरने के प्रवाह को नियंत्रित करना।
3. मृदा संसाधन (Soil Resources)
परिभाषा
पृथ्वी की सतह को ढकने वाली दानेदार कणों की पतली परत को मृदा (Soil) कहते हैं। यह भूमि से बहुत निकटता से जुड़ी होती है। मृदा का निर्माण चट्टानों के अपक्षय (Weathering) की प्रक्रिया के माध्यम से होता है।
मृदा निर्माण के मुख्य कारक
- जनक शैल (Parent Rock): यह रंग, गठन, रासायनिक गुण, खनिज सामग्री और पारगम्यता (Permeability) को निर्धारित करती है।
- जलवायु (Climate): तापमान और वर्षा अपक्षय की दर और ह्यूमस निर्माण को प्रभावित करते हैं।
- उच्चावच (Relief): तुंगता (Altitude) और ढलान मृदा के संचय को निर्धारित करते हैं।
- वनस्पति, जीव और सूक्ष्मजीव: यह ह्यूमस निर्माण की दर को प्रभावित करते हैं।
- समय: यह मृदा परिच्छेदिका (Soil Profile) की मोटाई को निर्धारित करता है।
मृदा संरक्षण की विधियाँ
4. जल संसाधन (Water Resources)
पृथ्वी की सतह का तीन-चौथाई भाग जल से ढँका है, इसलिए इसे 'जल ग्रह' (Water Planet) कहा जाता है।
कुल जल का लगभग 2.7 प्रतिशत भाग ही मीठा (Fresh Water) है, जिसमें से लगभग 70 प्रतिशत बर्फ की चादरों और हिमनदों के रूप में है। मानव उपयोग के लिए उपलब्ध ताजा जल मात्र 1 प्रतिशत है।
जल संरक्षण के उपाय
- औद्योगिक अपशिष्टों का उचित उपचार (Treatment) करना।
- वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को अपनाना।
- कृषि में स्प्रिंकलर का उपयोग करना।
- ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) को बढ़ावा देना।
- जल प्रदूषण को नियंत्रित करना।
5. प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन
जीवमंडल (Biosphere)
प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन केवल जीवमंडल (Biosphere) नामक संकीर्ण क्षेत्र में मौजूद हैं, जहाँ स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल आपस में मिलते हैं।
पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem)
जीवमंडल में जीवित जीव एक-दूसरे पर और अस्तित्व के लिए परस्पर निर्भर होते हैं। इस जीवन-समर्थन तंत्र को पारिस्थितिकी तंत्र कहा जाता है।
वनस्पति का वितरण
पौधों की वृद्धि मुख्य रूप से तापमान और नमी पर निर्भर करती है। दुनिया के मुख्य वनस्पति प्रकारों को वनों, घास के मैदानों, झाड़ियों और टंडरा के रूप में समूहबद्ध किया गया है।
संरक्षण
वनों की कटाई, अवैध शिकार (Poaching) और मानवीय हस्तक्षेप के कारण कई प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं।
- राष्ट्रीय उद्यान (National Parks)
- वन्यजीव अभ्यारण्य (Wildlife Sanctuaries)
- जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves)
- CITES जैसी अंतरराष्ट्रीय संधियाँ
CITES: यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण व्यवस्था है कि जंगली पौधों और जानवरों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार उनकी उत्तरजीविता को खतरे में न डाले।
RBSE कक्षा 8 मॉडल प्रश्न पत्र - 2027
विषय: भूगोल (संसाधन और विकास)
अध्याय 2: भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन
25 अंक
45 मिनट
खंड 'अ' : बहुविकल्पीय प्रश्न
(प्रत्येक प्रश्न 1 अंक - कुल 4 अंक)
प्र.1 पृथ्वी की सतह का कुल कितना प्रतिशत भाग भूमि से ढँका हुआ है?
(अ) 50 प्रतिशत (ब) 70 प्रतिशत (स) लगभग 30 प्रतिशत (द) 10 प्रतिशत
उत्तर: (स) लगभग 30 प्रतिशत
प्र.2 तीव्र ढलानों पर मृदा अपरदन को रोकने के लिए सबसे उपयुक्त विधि कौन-सी है?
(अ) मल्चिंग (ब) रक्षक मेखलाएँ (स) वेदी खेती (Terrace Cultivation) (द) समोच्च जुताई
उत्तर: (स) वेदी खेती (Terrace Cultivation)
प्र.3 पृथ्वी पर उपलब्ध कुल मीठे जल (Fresh Water) में से मानव उपयोग के लिए लगभग कितना प्रतिशत जल आसानी से उपलब्ध है?
(अ) 70 प्रतिशत (ब) मात्र 1 प्रतिशत (स) 50 प्रतिशत (द) 97 प्रतिशत
उत्तर: (ब) मात्र 1 प्रतिशत
प्र.4 जंगली पौधों और जानवरों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुरक्षित बनाने और उनकी प्रजातियों को बचाने के लिए कौन-सा अंतरराष्ट्रीय समझौता स्थापित किया गया है?
(अ) UNESCO (ब) CITES (स) WHO (द) UNICEF
उत्तर: (ब) CITES
खंड 'ब' : अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
(प्रत्येक प्रश्न 1 अंक - कुल 4 अंक)
प्र.5 'अपक्षय' (Weathering) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: तापमान में बदलाव, पौधों, जानवरों और मानवीय गतिविधियों द्वारा खुले चट्टानों के टूटने और क्षय होने की प्रक्रिया को अपक्षय कहते हैं।
प्र.6 निजी भूमि और सामुदायिक भूमि में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: निजी भूमि व्यक्तियों के स्वामित्व में होती है, जबकि सामुदायिक भूमि पूरे समुदाय के साझा उपयोग के लिए होती है।
प्र.7 वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) किसे कहते हैं?
उत्तर: छतों से वर्षा के पानी को एकत्र करके भविष्य में उपयोग के लिए उचित स्थान पर संग्रहित करने की प्रक्रिया को वर्षा जल संचयन कहते हैं।
प्र.8 जीवमंडल (Biosphere) का क्या अर्थ है?
उत्तर: स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल के बीच का वह संकीर्ण संपर्क क्षेत्र जहाँ जीवन मौजूद है, जीवमंडल कहलाता है।
खंड 'स' : लघु उत्तरीय प्रश्न
(प्रत्येक प्रश्न 3 अंक - कुल 9 अंक)
प्र.9 भूमि उपयोग (Land Use) को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक कौन-से हैं? संक्षेप में समझाइए।
उत्तर:
- भौतिक कारक: स्थलाकृति, मृदा, जलवायु, खनिज और जल की उपलब्धता भूमि के उपयोग को तय करती है।
- मानवीय कारक: जनसंख्या का घनत्व और प्रौद्योगिकी का स्तर भूमि उपयोग के पैटर्न को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्र.10 मृदा संरक्षण की किन्हीं तीन विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
- मल्चिंग: पौधों के बीच की खाली जमीन को जैविक पदार्थों की परत से ढँकना।
- रक्षक मेखलाएँ: हवा की गति रोकने के लिए पेड़ों की कतारें लगाना।
- रॉक डैम (Rock Dam): पानी के बहाव को धीमा करने के लिए चट्टानों को ढेर करना।
प्र.11 जल संसाधनों के संरक्षण के लिए हम कौन-से कदम उठा सकते हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
- कारखानों और सीवेज के गंदे पानी को जल स्रोतों में छोड़ने से पहले उपचारित करना चाहिए।
- कृषि में स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई का उपयोग करना चाहिए।
- घरों में वर्षा जल संचयन की प्रणाली अपनानी चाहिए।
खंड 'द' : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
(प्रत्येक प्रश्न 4 अंक - कुल 8 अंक)
प्र.12 मृदा निर्माण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर:
- जनक शैल: मृदा के रंग, गठन, रासायनिक गुण और खनिज सामग्री को प्रभावित करती है।
- जलवायु: तापमान और वर्षा अपक्षय की गति तथा ह्यूमस निर्माण को नियंत्रित करते हैं।
- उच्चावच: ढलान और तुंगता मृदा के जमने और इकट्ठा होने की स्थिति तय करते हैं।
- वनस्पति और जीव: सूक्ष्म जीव और जीव-जंतु ह्यूमस निर्माण की दर को प्रभावित करते हैं।
- समय: मृदा परिच्छेदिका की मोटाई को निर्धारित करता है।
प्र.13 प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं? इनके संरक्षण की आवश्यकता और उपायों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
महत्व: पौधे हमें लकड़ी, ऑक्सीजन, फल, औषधियाँ और जानवरों को आश्रय देते हैं। वन्यजीव दूध, मांस, ऊन और परागण जैसी बहुमूल्य सेवाएँ प्रदान करते हैं। ये सभी मिलकर पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखते हैं।
संरक्षण की आवश्यकता: वनों की अंधाधुंध कटाई, जलवायु परिवर्तन और अवैध शिकार के कारण कई प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं।
उपाय: सामाजिक वानिकी और वन महोत्सव जैसे जागरूकता कार्यक्रम चलाना, राष्ट्रीय उद्यान व वन्यजीव अभ्यारण्य स्थापित करना तथा CITES जैसे कानूनों के माध्यम से वन्यजीवों के अवैध व्यापार पर रोक लगाना।
📚 त्वरित पुनरावृत्ति
- भूमि पृथ्वी की सतह का लगभग 30 प्रतिशत भाग है।
- भूस्खलन में चट्टान, मलबा या मिट्टी ढलान से नीचे की ओर खिसकती है।
- मृदा निर्माण में जनक शैल, जलवायु, उच्चावच, जीव-जंतु/वनस्पति और समय महत्वपूर्ण हैं।
- मृदा संरक्षण के लिए मल्चिंग, वेदी फार्मिंग, समोच्च जुताई और रक्षक मेखलाएँ उपयोगी हैं।
- पृथ्वी की सतह का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढँका है।
- वर्षा जल संचयन जल संरक्षण की महत्वपूर्ण विधि है।
- जीवमंडल जीवन के अस्तित्व का महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
- वन्यजीव संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उद्यान, अभ्यारण्य और जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र बनाए जाते हैं।
- CITES वन्य पौधों और वन्यजीवों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार से संबंधित है।
RBSE कक्षा 8 भूगोल — अध्याय 2
मॉडल प्रश्न पत्र एवं अध्ययन सामग्री — 2027
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