RBSE Class 8 Geography Chapter 1 Notes & Model Questions: संसाधन और विकास

RBSE / NCERT Class 8 Geography Chapter 1 Notes & Model Questions: संसाधन और विकास

अध्याय 1: संसाधन (Resources) — एनसीईआरटी कक्षा 8 की भूगोल पाठ्यपुस्तक "संसाधन और विकास" (Resources and Development) का संपूर्ण सार और आगामी बोर्ड परीक्षाओं (2027) के पैटर्न पर आधारित महत्वपूर्ण मॉडल प्रश्न-उत्तर यहाँ दिए गए हैं।


1. संसाधन (Resources) का अर्थ क्या है?

अध्याय की शुरुआत दो बच्चों, मोना और राजू से होती है, जो अपनी माँ के साथ घर की सफाई करने में मदद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कपड़ों, बर्तनों, किताबों, और पानी जैसी कई चीजों को देखा। तब उनकी माँ ने समझाया कि "प्रत्येक वस्तु जिसका उपयोग किसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए किया जा सकता है, वह एक संसाधन (Resource) है।"

  • उपयोगिता (Utility): किसी भी वस्तु या पदार्थ को तब संसाधन बनाती है जब उसमें कोई उपयोगिता या प्रयोज्यता होती है। उदाहरण के लिए— प्यास लगने पर पिया जाने वाला पानी, घर में इस्तेमाल होने वाली बिजली, स्कूल जाने के काम आने वाला रिक्शा, और पढ़ने की पाठ्यपुस्तक।

2. संसाधनों का मूल्य (Value of Resources)

सभी संसाधनों का कुछ न कुछ मूल्य होता है, हालांकि हर मूल्य का आर्थिक महत्व अलग-अलग होता है:

  • आर्थिक मूल्य (Economic Value): कुछ संसाधनों का व्यावसायिक या आर्थिक मूल्य होता है, जैसे धातुओं को बेचकर पैसा कमाया जा सकता है।
  • बिना आर्थिक मूल्य के संसाधन: एक सुंदर प्राकृतिक दृश्य का कोई सीधा आर्थिक मूल्य नहीं होता, लेकिन वह मानसिक शांति और हमारी जरूरत को पूरा करता है।
  • समय और प्रौद्योगिकी का महत्व: समय बीतने और तकनीक के विकास के साथ कई साधारण चीजें मूल्यवान संसाधन बन जाती हैं। जैसे— किसी घरेलू नुस्खे को यदि किसी मेडिकल फर्म द्वारा पेटेंट (Patent - किसी विचार या आविष्कार पर एकाधिकार) करवा लिया जाए, तो वह आर्थिक रूप से मूल्यवान बन जाता है।

3. संसाधनों के प्रकार (Types of Resources)

संसाधनों को मुख्य रूप से तीन भागों में वर्गीकृत किया जाता है:

  1. प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources): वे संसाधन जो प्रकृति से प्राप्त होते हैं और बिना अधिक संशोधन के उपयोग किए जाते हैं (जैसे— हवा, पानी, मिट्टी, और खनिज)। इन्हें दो भागों में बाँटा गया है:
    • नवीकरणीय संसाधन: जो शीघ्रता से पुनः पूरित हो जाते हैं (जैसे— सौर और पवन ऊर्जा)।
    • अनवीकरणीय संसाधन: जिनका भंडार सीमित है और जिन्हें दोबारा बनने में हजारों वर्ष लगते हैं (जैसे— कोयला, पेट्रोलियम)।
  2. मानव निर्मित संसाधन (Human Made Resources): जब प्राकृतिक पदार्थों का रूप बदलकर तकनीक से नई चीजें बनाई जाती हैं (जैसे— मशीनें, इमारतें, सड़कें, पुल)।
  3. मानव संसाधन (Human Resources): लोग स्वयं ही सबसे महत्वपूर्ण संसाधन हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य लोगों को मूल्यवान बनाते हैं। लोगों के कौशल में सुधार करना 'मानव संसाधन विकास' कहलाता है।

4. संसाधन संरक्षण और सतत विकास

  • संसाधन संरक्षण: संसाधनों का सतर्कतापूर्वक उपयोग करना और उन्हें नवीकृत होने के लिए समय देना।
  • सतत विकास (Sustainable Development): संसाधनों का उपयोग करने की आवश्यकता और भविष्य की पीढ़ियों के लिए उनके संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना।

RBSE कक्षा 8 बोर्ड परीक्षा - मॉडल प्रश्न-पत्र

खंड 'अ' : बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्र.1 निम्नलिखित में से कौन-सी वस्तु या पदार्थ एक 'संसाधन' बनाती है?
(अ) उसकी कीमत
(ब) उसकी उपयोगिता (Utility)
(स) उसका रंग
(द) उसकी भारी मात्रा
उत्तर: (ब) उसकी उपयोगिता (Utility)

प्र.2 निम्नलिखित में से कौन-सा एक 'प्राकृतिक संसाधन' का उदाहरण है?
(अ) इमारतें
(ब) मशीनें
(स) वायु ( हवा )
(द) पुल
उत्तर: (स) वायु ( हवा )

प्र.3 कोयला और पेट्रोलियम किस प्रकार के संसाधनों के प्रमुख उदाहरण हैं?
(अ) नवीकरणीय संसाधन
(ब) अनवीकरणीय संसाधन
(स) मानव निर्मित संसाधन
(द) सर्वव्यापक संसाधन
उत्तर: (ब) अनवीकरणीय संसाधन

प्र.4 संसाधनों के उपयोग की आवश्यकता और भविष्य की पीढ़ियों کے संरक्षण के बीच संतुलन को क्या कहते हैं?
(अ) संसाधन का दोहन
(ब) सतत विकास (Sustainable Development)
(स) अनवीनीकरण
(द) औद्योगीकरण
उत्तर: (ब) सतत विकास (Sustainable Development)

खंड 'ब' : अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

  • प्र.5 'संसाधन' किसे कहा जाता है?
    उत्तर: प्रत्येक वस्तु जिसका उपयोग किसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए किया जा सकता है, वह संसाधन है।
  • प्र.6 'पेटेंट' (Patent) से क्या तात्पर्य है?
    उत्तर: पेटेंट का अर्थ किसी विचार या आविष्कार पर एकाधिकार (Exclusive Right) होना है।
  • प्र.7 प्राकृतिक संसाधन कितने प्रकार के होते हैं? नाम लिखिए।
    उत्तर: प्राकृतिक संसाधन दो प्रकार के होते हैं: 1. नवीकरणीय संसाधन, 2. अनवीकरणीय संसाधन।
  • प्र.8 मानव संसाधन विकास से क्या अभिप्राय है?
    उत्तर: लोगों के कौशल में सुधार करना ताकि वे और अधिक संसाधन बनाने में सक्षम हो सकें, इसे मानव संसाधन विकास कहते हैं।

खंड 'स' : लघु उत्तरीय प्रश्न

  • प्र.9 'समय और प्रौद्योगिकी' किसी पदार्थ को संसाधन में कैसे बदलते हैं? उदाहरण दें।
    उत्तर: समय बीतने और तकनीक के विकास के साथ किसी साधारण वस्तु का महत्व बढ़ जाता है। जैसे— शुरुआती समय में लोग लोहे अयस्क से लोहा निकालना नहीं जानते थे, तब वह संसाधन नहीं था, लेकिन तकनीक विकसित होने के बाद यह एक महत्वपूर्ण संसाधन बन गया।
  • प्र.10 नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
    उत्तर: नवीकरणीय संसाधन शीघ्रता से पुनः पूरित हो जाते हैं (जैसे— सौर ऊर्जा), जबकि अनवीकरणीय संसाधनों का भंडार सीमित होता है और इन्हें बनने में हजारों वर्ष लगते हैं (जैसे— कोयला)।
  • प्र.11 'संसाधन संरक्षण' क्यों आवश्यक है?
    उत्तर: यदि हम प्राकृतिक संसाधनों का लापरवाही से उपयोग करेंगे, तो उनके भंडार समाप्त हो सकते हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन की निरंतरता और पर्यावरण संतुलन हेतु इनका संरक्षण जरूरी है।

खंड 'द' : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

  • प्र.12 संसाधनों के वर्गीकरण को समझाइए। प्राकृतिक, मानव निर्मित और मानव संसाधन में क्या अंतर है?
    उत्तर: जो संसाधन प्रकृति से बिना बदलाव के मिलते हैं वे प्राकृतिक संसाधन हैं (वायु, जल)। प्राकृतिक पदार्थों का रूप बदलकर बनाई गई चीजें मानव निर्मित संसाधन हैं (सड़कें, मशीनें)। वहीं, मनुष्य स्वयं अपने ज्ञान और कौशल से सबसे बड़ा मानव संसाधन बनता है।
  • प्र.13 'सतत विकास' से क्या तात्पर्य है? इसके मुख्य सिद्धांतों का वर्णन कीजिए।
    उत्तर: संसाधनों के उपयोग और भविष्य की पीढ़ियों के संरक्षण के बीच संतुलन बनाना सतत विकास है।
    मुख्य सिद्धांत:
    1. जीवन के सभी रूपों का आदर करना।
    2. मानव जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना।
    3. पृथ्वी की जीवन शक्ति और विविधता को संरक्षित रखना।
    4. प्राकृतिक संसाधनों के नुकसान को कम करना।

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