कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 1: भोजन के घटक - पोषक तत्व, संतुलित आहार एवं RPSC/REET प्रश्नोत्तरी व्याख्या सहित
कक्षा 6 विज्ञान — अध्याय 1: भोजन के घटक
(सरल अध्ययन नोट्स, संतुलित आहार, अभावजन्य रोग एवं RPSC/REET पैटर्न प्रश्नोत्तरी)
💡 अध्ययन दृष्टि: विज्ञान को समझें, रटें नहीं
विज्ञान केवल परिभाषाओं का संकलन नहीं है, बल्कि हमारे दैनिक जीवन में घटने वाली घटनाओं का तार्किक विश्लेषण है। इस अध्याय में हम जानेंगे कि हमारा शरीर जो आहार ग्रहण करता है, उसके मूल घटक क्या हैं और वे हमारे स्वास्थ्य व ऊर्जा को किस प्रकार संचालित करते हैं।
1. भोजन की आवश्यकता एवं पोषक तत्व क्या हैं?
भोजन क्यों आवश्यक है? हमें जीवित रहने, शारीरिक वृद्धि करने, उतकों की टूट-फूट की मरम्मत करने और रोगों से सुरक्षा के लिए भोजन की अनिवार्य आवश्यकता होती है। भोजन से ही हमारे शरीर को विभिन्न जैविक क्रियाओं के संचालन हेतु ऊर्जा प्राप्त होती है।
पोषक तत्व (Nutrients): हमारे भोजन में पाए जाने वाले वे आवश्यक रासायनिक घटक जो हमारे शरीर की वृद्धि, विकास और स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य होते हैं, पोषक तत्व कहलाते हैं। हमारे भोजन के मुख्य पोषक तत्व हैं:
- कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates)
- प्रोटीन (Proteins)
- वसा (Fats)
- विटामिन (Vitamins)
- खनिज लवण (Minerals)
- आहारीय रेशे (Roughage / रुक्षांश) एवं जल
2. विभिन्न पोषक तत्वों के कार्य और उनके स्रोत
(क) कार्बोहाइड्रेट और वसा — ऊर्जा देने वाले भोजन
मुख्य कार्य: ये हमारे शरीर को दैनिक कार्यों के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं।
विशेष तथ्य: समान मात्रा में लिए जाने पर वसा से कार्बोहाइड्रेट की तुलना में लगभग दोगुनी ऊर्जा मिलती है।
• कार्बोहाइड्रेट के स्रोत: गेहूँ, चावल, बाजरा, मक्का, आलू, शकरकंद, गन्ना, पपीता, आम आदि।
• वसा के पादप स्रोत: मूँगफली, तिल, सोयाबीन, सूरजमुखी का तेल, बादाम, काजू।
• वसा के जंतु स्रोत: घी, मक्खन, दूध, मलाई, मांस, मछली, अंडा।
(ख) प्रोटीन — शरीर-वर्धक भोजन (Body Building Food)
मुख्य कार्य: प्रोटीन नई कोशिकाओं के निर्माण, शारीरिक वृद्धि और क्षतिग्रस्त ऊतकों की टूट-फूट की मरम्मत के लिए आवश्यक होता है।
• पादप स्रोत: चना, मूँग, तुअर (अरहर), राजमा, सोयाबीन, हरी मटर।
• जंतु स्रोत: दूध, पनीर, अंडा, मछली, मांस।
(ग) विटामिन — रक्षक पोषक तत्व (Protective Nutrients)
विटामिन हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immunity) प्रदान करते हैं और आँख, अस्थि, दाँत एवं मसूड़ों को स्वस्थ रखते हैं।
- विटामिन A: त्वचा तथा आँखों को स्वस्थ रखने में सहायक (स्रोत: गाजर, पपीता, दूध, मछली का तेल)।
- विटामिन B कॉम्प्लेक्स: तंत्रिका तंत्र और कोशिकीय ऊर्जा उपापचय हेतु आवश्यक।
- विटामिन C: रोगों से प्रतिरोधक क्षमता, मसूड़ों और घाव भरने में सहायक (स्रोत: आँवला, नींबू, संतरा, अमरूद)।
- विटामिन D: अस्थियों और दाँतों के लिए कैल्शियम के अवशोषण में सहायक (स्रोत: सूर्य का प्रकाश, दूध, मक्खन)।
(घ) खनिज लवण (Minerals)
शरीर के समुचित विकास और उत्तम स्वास्थ्य के लिए इनकी अल्प मात्रा में आवश्यकता होती है:
• आयोडीन: थायरॉइड ग्रंथि के कार्य हेतु (स्रोत: आयोडीनयुक्त नमक, समुद्री भोजन, अदरक)।
• आयरन (लोहा): हीमोग्लोबिन निर्माण हेतु (स्रोत: पालक, सेब, यकृत, गुड़)।
• कैल्शियम एवं फास्फोरस: मजबूत हड्डियों और दाँतों हेतु (स्रोत: दूध, अंडा, हरी पत्तेदार सब्जियाँ)।
3. आहारीय रेशे (रुक्षांश), जल एवं संतुलित आहार
आहारीय रेशे (Roughage): हमारे शरीर को रेशों से कोई पोषण प्राप्त नहीं होता, किंतु यह हमारे भोजन का अनिवार्य भाग हैं। ये बिना पचे हुए भोजन को सुगमता से बाहर निकालने (मल त्याग) और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में सहायता करते हैं। मुख्य स्रोत: साबुत खाद्यान्न, दालें, ताजे फल एवं सलाद।
जल: जल भोजन में उपस्थित पोषकों को अवशोषित करने में मदद करता है तथा पसीने और मूत्र के रूप में अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालता है।
🥗 संतुलित आहार (Balanced Diet): वह आहार जिसमें शरीर की आवश्यकतानुसार सभी पोषक तत्व, पर्याप्त आहारीय रेशे और जल उचित अनुपात में मौजूद हों, संतुलित आहार कहलाता है।
4. प्रमुख अभावजन्य रोग (Deficiency Diseases)
यदि किसी पोषक तत्व की कमी शरीर में लंबे समय तक बनी रहे, तो उत्पन्न होने वाले प्रमुख विकार:
| विटामिन / खनिज | अभावजन्य रोग / विकार | प्रमुख लक्षण |
|---|---|---|
| विटामिन A | रतौंधी (दृष्टिहीनता) | कम प्रकाश (रात) में कम दिखाई देना |
| विटामिन B1 | बेरी-बेरी | दुर्बल पेशियाँ और काम करने की ऊर्जा में कमी |
| विटामिन C | स्कर्वी | मसूड़ों से खून निकलना, घाव भरने में समय लगना |
| विटामिन D | रिकेट्स | अस्थियों का मुलायम होकर मुड़ जाना |
| आयोडीन | घेंघा (गोइटर) | गले की ग्रंथि का फूल जाना, बच्चों में मानसिक मंदता |
| आयरन (लोहा) | अरक्तता (एनीमिया) | शारीरिक कमजोरी एवं थकान |
📝 RPSC / REET पैटर्न आधारित महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न एवं व्याख्या
प्रश्न 1. हमारे भोजन के विभिन्न घटकों (पोषक तत्वों) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- कार्बोहाइड्रेट और वसा हमारे शरीर को मुख्य रूप से ऊर्जा प्रदान करते हैं।
- प्रोटीन को हमारे शरीर की वृद्धि तथा 'टूट-फूट की मरम्मत' करने वाला भोजन कहा जाता है।
- विटामिन और खनिज लवण हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के मुख्य स्रोत हैं।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(अ) केवल 1 और 2 (ब) केवल 2 और 3 (स) केवल 1 और 3 (द) 1, 2 और 3
विस्तृत व्याख्या: कथन 1 और 2 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि विटामिन और खनिज लवण ऊर्जा नहीं देते, बल्कि वे शरीर के जैविक तंत्रों की सुरक्षा व नियमन करते हैं।
प्रश्न 2. सूची-I (अभावजन्य रोग) को सूची-II (संबंधित पोषक तत्व) से सुमेलित कीजिए:
(अ) a-2, b-1, c-4, d-3 (ब) a-1, b-2, c-3, d-4 (स) a-2, b-4, c-1, d-3 (द) a-4, b-3, c-2, d-1
विस्तृत व्याख्या: विटामिन B1 की कमी से बेरी-बेरी, विटामिन C से स्कर्वी, विटामिन D से रिकेट्स और आयोडीन की कमी से घेंघा (गोइटर) रोग होता है।
प्रश्न 3. 'आहारीय रेशे' (Roughage) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
(अ) ये हमारे शरीर को कोई भी पोषक तत्व प्रदान नहीं करते हैं।
(ब) ये मुख्य रूप से हमारे शरीर में बिना पचे हुए भोजन को बाहर निकालने में सहायता करते हैं।
(स) साबुत खाद्यान्न, दालें, ताजे फल और सब्जियाँ आहारीय रेशों के मुख्य स्रोत हैं।
(द) ये हमारे शरीर की कोशिकाओं के निर्माण और आंतरिक अंगों की मरम्मत का कार्य करते हैं।
विस्तृत व्याख्या: कोशिकाओं के निर्माण और आंतरिक अंगों की मरम्मत का कार्य प्रोटीन करता है, न कि आहारीय रेशे। आहारीय रेशों का मुख्य कार्य पाचन तंत्र की गतिशीलता बनाए रखना है।
📖 संपूर्ण 'कक्षा 6 विज्ञान — जिज्ञासा' गाइड प्राप्त करें
कक्षा 6 विज्ञान के सभी 13 अध्यायों, सारगर्भित नोट्स, वस्तुनिष्ठ मॉडल प्रश्नों और अभ्यास सामग्री के विस्तृत अध्ययन हेतु संपूर्ण डिजिटल पुस्तक उपलब्ध है:
© 2026 नरेन्द्र पंचारिया. सर्वाधिकार सुरक्षित | www.narendrapanchariya.in

कोई टिप्पणी नहीं: