RBSE कक्षा 8 राजस्थान अध्ययन अध्याय 5: राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व | Chapter 5 Important Personalities & Model Paper 2027

राजस्थान अध्ययन : हमारा राजस्थान

कक्षा 8 | अध्याय 5

राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व • स्वतंत्रता सेनानी • समाज सुधारक • प्रेरणादायी व्यक्तित्व

अध्याय 5 : राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व

1. राजस्थान के महान स्वतंत्रता सेनानी और व्यक्तित्व

राजस्थान की इस वीर भूमि ने इतिहास में ऐसे अनेक महान सपूतों, देशभक्तों और समाज सुधारकों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपने प्राणों की बाजी लगाकर देश और समाज की सेवा की।

इस अध्याय में राजस्थान के कुछ प्रमुख और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के योगदान का अध्ययन किया गया है।

2. केसरी सिंह बारहठ

परिचय: केसरी सिंह बारहठ राजस्थान के महान क्रांतिकारी, कवि और विचारक थे, जिनका जन्म शाहपुरा (भीलवाड़ा) में हुआ था।

देशभक्ति और क्रांतिकारी संपर्क: वे रास बिहारी बोस और सचिंद्रनाथ सन्याल जैसे प्रमुख क्रांतिकारियों के संपर्क में थे और राजस्थान में क्रांतिकारी गतिविधियों के प्रमुख सूत्रधारों में रहे।
चेतावनी रा चूंगट्या: 1903 में लॉर्ड कर्जन द्वारा आयोजित दिल्ली दरबार में मेवाड़ के महाराणा फतेहसिंह को जाने से रोकने के लिए केसरी सिंह बारहठ ने 13 सोरठों की रचना की।

इसे पढ़कर महाराणा फतेहसिंह का स्वाभिमान जाग उठा और वे दिल्ली दरबार में शामिल हुए बिना ही वापस लौट आए।

त्याग और कारावास: ब्रिटिश सरकार ने उन्हें अस्टर्ड मर्डर केस में दोषी मानकर 20 वर्ष की सजा दी और हजारीबाग जेल भेज दिया। वहाँ उन्होंने भयंकर शारीरिक एवं मानसिक कष्ट सहे, फिर भी उनकी देशभक्ति अडिग रही।

3. जोरावर सिंह बारहठ और प्रताप सिंह बारहठ

जोरावर सिंह बारहठ: वे केसरी सिंह बारहठ के छोटे भाई थे। उन्होंने दिल्ली में लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंकने की योजना में भाग लिया। इसके बाद वे 'अमर सिंह' नाम से अज्ञातवास में रहते हुए देश सेवा करते रहे।

प्रताप सिंह बारहठ: वे केसरी सिंह बारहठ के पुत्र थे और कम उम्र में ही क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल हो गए।

बहादुरी की मिसाल:
"मैं अपनी एक माँ को हँसाने के लिए हजारों माताओं को नहीं रुला सकता।"

बनारस षड्यंत्र केस में गिरफ्तारी के बाद प्रताप सिंह बारहठ को बरेली जेल में अमानवीय यातनाएँ दी गईं। उन्होंने क्रांतिकारियों के रहस्य उजागर नहीं किए और जेल में ही शहीद हो गए।

4. अर्जुन लाल सेठी

परिचय: अर्जुन लाल सेठी का जन्म जयपुर के एक प्रतिष्ठित जैन परिवार में हुआ था। वे राजस्थान में राजनीतिक चेतना के अग्रणी और महान शिक्षाविद् थे।

जैन वर्धमान पाठशाला: उन्होंने जयपुर में युवाओं को देशभक्ति और क्रांतिकारी प्रशिक्षण देने के लिए 'जैन वर्धमान पाठशाला' की स्थापना की।

उनके विचारों में देश की स्वतंत्रता सर्वोपरि थी। उनका प्रसिद्ध कथन था:

"यदि अर्जुन लाल नौकरी करेगा, तो अंग्रेजों को देश से बाहर कौन निकालेगा?"

उन्हें दिल्ली षड्यंत्र केस से जोड़कर वेल्लोर जेल में रखा गया। जेल से रिहा होने के बाद भी वे देश सेवा और दलित-उत्थान के कार्यों में जुटे रहे।

5. स्वामी केशवानंद और हीरालाल शास्त्री

स्वामी केशवानंद: इनका जन्म सीकर जिले के मंगलूणा गाँव में हुआ था। उन्होंने अपना जीवन शिक्षा के प्रचार-प्रसार, ग्रंथालयों की स्थापना और ग्रामीण उत्थान के लिए समर्पित किया।

उन्होंने विशेष रूप से बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्र में अंधविश्वास तथा कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का कार्य किया।

हीरालाल शास्त्री: इनका जन्म जयपुर के जोबनेर में हुआ था। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए 'वनस्थली विद्यापीठ' की स्थापना की। वे आधुनिक राजस्थान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तथा राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री बने।

RBSE कक्षा 8 मॉडल प्रश्न पत्र – 2027

विषय: हमारा राजस्थान | अध्याय 5

अध्याय: राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व
पूर्णांक: 25 अंक | समय: 45 मिनट

प्र.1 मेवाड़ के महाराणा फतेहसिंह को दिल्ली दरबार में जाने से रोकने के लिए 'चेतावनी रा चूंगट्या' किसने लिखे थे?
(अ) अर्जुन लाल सेठी
(ब) केसरी सिंह बारहठ
(स) जोरावर सिंह बारहठ
(द) प्रताप सिंह बारहठ
उत्तर: (ब) केसरी सिंह बारहठ
प्र.2 क्रांतिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए 'जैन वर्धमान पाठशाला' की स्थापना किसने की थी?
(अ) अर्जुन लाल सेठी
(ब) विजय सिंह पथिक
(स) दामोदर दास राठी
(द) श्यामजी कृष्ण वर्मा
उत्तर: (अ) अर्जुन लाल सेठी
प्र.3 "मैं अपनी एक माँ को हँसाने के लिए हजारों माताओं को नहीं रुला सकता" यह ऐतिहासिक कथन किसका था?
(अ) केसरी सिंह बारहठ
(ब) जोरावर सिंह बारहठ
(स) प्रताप सिंह बारहठ
(द) अर्जुन लाल सेठी
उत्तर: (स) प्रताप सिंह बारहठ
प्र.4 महिलाओं की शिक्षा के लिए प्रसिद्ध 'वनस्थली विद्यापीठ' (बानस्थली) की स्थापना किसने की थी?
(अ) हीरालाल शास्त्री
(ब) जयनारायण व्यास
(स) माणिक्यलाल वर्मा
(द) हरिभाऊ उपाध्याय
उत्तर: (अ) हीरालाल शास्त्री
प्र.5 केसरी सिंह बारहठ का जन्म राजस्थान के किस स्थान पर हुआ था?
उत्तर: शाहपुरा (भीलवाड़ा) में।
प्र.6 अर्जुन लाल सेठी को किस जेल में कैदी के रूप में रखा गया था?
उत्तर: वेल्लोर जेल में।
प्र.7 'चेतावनी रा चूंगट्या' में कुल कितने सोरठे हैं?
उत्तर: 13 सोरठे।
प्र.8 आधुनिक राजस्थान के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाने वाले हीरालाल शास्त्री का संबंध किस स्थान से था?
उत्तर: जोबनेर (जयपुर) से।
प्र.9 केसरी सिंह बारहठ के क्रांतिकारी परिवार के देश के प्रति बलिदान का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर: केसरी सिंह बारहठ का परिवार स्वतंत्रता आंदोलन के प्रति समर्पित था। जोरावर सिंह ने क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया और प्रताप सिंह बारहठ ने यातनाएँ सहते हुए अपने साथियों के रहस्य उजागर नहीं किए।
प्र.10 अर्जुन लाल सेठी द्वारा शिक्षा और स्वतंत्रता के क्षेत्र में दिए गए योगदान को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: उन्होंने जैन वर्धमान पाठशाला की स्थापना कर युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता की भावना विकसित करने में योगदान दिया तथा अपना जीवन राष्ट्रीय शिक्षा और स्वतंत्रता के लिए समर्पित किया।
प्र.11 स्वामी केशवानंद के समाज सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: उन्होंने शिक्षा के प्रचार-प्रसार, ग्रंथालयों की स्थापना और ग्रामीण उत्थान के लिए कार्य किया तथा अंधविश्वास एवं कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।
प्र.12 बारहठ परिवार के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर:
  • केसरी सिंह बारहठ: कवि और क्रांतिकारी के रूप में राष्ट्रीय चेतना जगाई तथा कारावास की यातनाएँ सहीं।
  • जोरावर सिंह बारहठ: क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया और लंबे समय तक भूमिगत रहकर देश सेवा की।
  • प्रताप सिंह बारहठ: यातनाओं के बावजूद क्रांतिकारियों के रहस्य उजागर नहीं किए और देश के लिए बलिदान दिया।
प्र.13 राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्वों अर्जुन लाल सेठी और हीरालाल शास्त्री के राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान का वर्णन कीजिए।
उत्तर:

अर्जुन लाल सेठी: उन्होंने जयपुर में राजनीतिक चेतना और राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा दिया तथा जैन वर्धमान पाठशाला के माध्यम से युवाओं को संगठित किया।

हीरालाल शास्त्री: उन्होंने ग्रामीण उत्थान तथा महिलाओं की शिक्षा के लिए कार्य किया, वनस्थली विद्यापीठ की स्थापना की और राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री बने।

राजस्थान अध्ययन : हमारा राजस्थान

कक्षा 8 • अध्याय 5 • राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व

✍ लेखक: नरेन्द्र पंचारिया

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