कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान अध्याय 8: विविधता में एकता | Unity in Diversity Notes, MCQs | RBSE, RPSC, REET
अध्याय 8: विविधता में एकता या 'एक में अनेक'
कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान | Notes + Exam Watch + MCQs
RBSE • RPSC • REET परीक्षा उपयोगी अध्ययन सामग्री
1. परिचय एवं भारत की समृद्ध विविधता
भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है। यहाँ एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करने पर भूदृश्य, परिधान, खान-पान, भाषाएँ और लिपियाँ बदलती हुई दिखाई देती हैं। यही विविधताएँ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती हैं।
जनसंख्या और सर्वेक्षण
- भारत 1.4 अरब से अधिक आबादी वाला देश है।
- भारत की जनसंख्या विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग 18 प्रतिशत बताई जाती है।
- 20वीं शताब्दी के अंत में 'भारत के लोग परियोजना' के अंतर्गत भारत की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता का व्यापक अध्ययन किया गया।
- इस सर्वेक्षण में 25 लिपियों का उपयोग करने वाली लगभग 325 भाषाओं की गणना की गई थी।
विंसेंट स्मिथ का कथन
भारत में अनेक भाषाएँ, धर्म, परंपराएँ, खान-पान और पहनावे होने के बावजूद सांस्कृतिक संपर्क और साझा परंपराएँ लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं।
2. विविधता में एकता के प्रमुख आयाम
क) भोजन और मुख्य अनाज
भारत में हजारों प्रकार के व्यंजन और पकवान बनाए जाते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों की भोजन परंपराएँ अपनी विशेष पहचान रखती हैं।
इसके बावजूद चावल, जौ, गेहूँ, बाजरा, ज्वार, रागी और विभिन्न प्रकार की दालें देश के अनेक हिस्सों में उपयोग की जाती हैं।
हल्दी, जीरा, इलायची और अदरक जैसे मसालों का प्रयोग भी भारतीय भोजन में व्यापक रूप से होता है।
ख) वस्त्र एवं परिधान — साड़ी का उदाहरण
भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में वस्त्रों और परिधानों की अपनी विशिष्ट शैलियाँ हैं। इसके बावजूद साड़ी पूरे भारत में पहना जाने वाला एक प्रसिद्ध पारंपरिक परिधान है।
साड़ी सामान्यतः लंबा, बिना सिला हुआ वस्त्र है जिसे विभिन्न प्रकार के सूत या रेशम से बनाया जाता है।
प्रसिद्ध साड़ी परंपराएँ:
- बनारसी साड़ी
- कांजीवरम साड़ी
- पैठनी साड़ी
- पाटन पटोला
- मूगा रेशम
- मैसूर रेशमी साड़ी
इतिहास में भारत के महीन सूती कपड़ों की विदेशों में काफी मांग रही। 17वीं शताब्दी में 'छींट' जैसे डिजाइन वाले भारतीय कपड़ों की यूरोप में भी मांग थी।
ग) त्योहारों की विविधता — मकर संक्रांति
भारत में लगभग एक ही समय के आसपास मनाए जाने वाले फसल एवं ऋतु से जुड़े त्योहार अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों और स्थानीय परंपराओं के साथ मनाए जाते हैं।
| राज्य/क्षेत्र | त्योहार का नाम |
|---|---|
| पंजाब | माघी / लोहड़ी |
| असम | माघ बिहू |
| तमिलनाडु | पोंगल |
| उत्तर प्रदेश और बिहार | खिचड़ी पर्व |
| गुजरात | उत्तरायण |
3. भारतीय साहित्य और महाकाव्य
पंचतंत्र
पंचतंत्र भारत की प्रसिद्ध प्राचीन कथा-परंपरा से संबंधित ग्रंथ है, जिसमें पशुओं को मुख्य पात्र बनाकर जीवन-कौशल, नीति और व्यवहारिक शिक्षा से जुड़ी कथाएँ प्रस्तुत की जाती हैं।
- पंचतंत्र का मूल संस्कृत साहित्य से संबंध माना जाता है।
- इसके अनेक रूपांतरण और अनुवाद विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध हैं।
- यह भारतीय कथा-साहित्य की महत्वपूर्ण परंपराओं में शामिल है।
रामायण और महाभारत
रामायण और महाभारत भारतीय परंपरा के दो महान संस्कृत महाकाव्य हैं।
इन महाकाव्यों की कथाएँ भारत के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ एशिया के अनेक हिस्सों की सांस्कृतिक परंपराओं को भी प्रभावित करती रही हैं।
🎯 प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से मुख्य परीक्षा बिंदु — Exam Watch
-
'विविधता में एकता' का विचार मुख्य रूप से किस देश की
प्रकृति को दर्शाता है?
उत्तर: भारत -
विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग कितना प्रतिशत भाग भारत में निवास करता है?
उत्तर: लगभग 18 प्रतिशत -
मकर संक्रांति के अवसर पर असम में कौन-सा प्रमुख पर्व मनाया जाता है?
उत्तर: माघ बिहू -
पंचतंत्र के मूल संस्कृत पाठ को लगभग कितने वर्ष पुराना माना गया है?
उत्तर: लगभग 2,200 वर्ष
प्रश्न 1: "भारत विविधता में एकता प्रदर्शित करता है" यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
(अ) विंसेंट स्मिथ
(ब) मैक्स मूलर
(स) ई.एच. कार
(द) श्री अरविंद
प्रश्न 2: मकर संक्रांति के पर्व को असम में निम्नलिखित में से किस नाम से जाना जाता है?
(अ) पोंगल
(ब) लोहड़ी
(स) माघ बिहू
(द) उत्तरायण
प्रश्न 3: पशुओं को मुख्य पात्र बनाकर नैतिक शिक्षा और जीवन-कौशल सिखाने वाली प्राचीन पुस्तक 'पंचतंत्र' का मूल रूप किस भाषा में रचा गया था?
(अ) प्राकृत
(ब) पाली
(स) संस्कृत
(द) तमिल
📚 Quick Revision — एक नजर में
- अध्याय: विविधता में एकता या 'एक में अनेक'
- मुख्य विचार: भारत की विविधता और सांस्कृतिक एकता
- साड़ी: भारत के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित पारंपरिक परिधान
- असम: माघ बिहू
- तमिलनाडु: पोंगल
- गुजरात: उत्तरायण
- पंचतंत्र: संस्कृत कथा-साहित्य की प्रसिद्ध परंपरा
- महाकाव्य: रामायण और महाभारत
- मुख्य परीक्षा विषय: विविधता, भोजन, परिधान, त्योहार और साहित्य

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