कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान अध्याय 6: भारतीय सभ्यता का प्रारंभ | Harappan Civilization Notes, MCQs | RBSE, RPSC, REET
अध्याय 6: भारतीय सभ्यता का प्रारंभ
The Beginning of Indian Civilization | Class 6 Social Science Notes
1. सभ्यता का अर्थ और विशेषताएँ
सभ्यता क्या है?
सभ्यता: यह मानव समाज का एक उन्नत चरण है। एक पूर्ण विकसित सभ्यता में निम्नलिखित मुख्य विशेषताएँ होती हैं:
- शासन और प्रशासन व्यवस्था
- नगरीकरण — नगर योजना, जल प्रबंधन और निकास व्यवस्था
- विभिन्न प्रकार के शिल्प और धातु विज्ञान — धातुओं का निष्कर्षण व शुद्धिकरण
- आंतरिक और बाहरी व्यापार
- लेखन कला का विकास
- सांस्कृतिक विचार, कला, स्थापत्य और रीति-रिवाज
- उच्च कृषि उत्पादकता
2. सिंधु-सरस्वती सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता)
- नामकरण: इस सभ्यता को सिंधु सभ्यता, हड़प्पा सभ्यता या सिंधु-सरस्वती सभ्यता कहा जाता है। यह भारत का 'पहला नगरीकरण' था।
- खोज: लगभग एक शताब्दी पूर्व 1920-21 में इस सभ्यता से संबंधित पहला उत्खनित नगर हड़प्पा (वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब में) था, इसीलिए इसे हड़प्पा सभ्यता भी कहते हैं।
- काल: यह सभ्यता मुख्य रूप से 2600 सा.सं.पू. से 1900 सा.सं.पू. के मध्य विकसित हुई।
- भौगोलिक विस्तार: यह सभ्यता केवल सिंधु नदी घाटी तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका विस्तार सरस्वती (वर्तमान घग्गर-हाकरा) नदी की द्रोणी और दूर-दराज के क्षेत्रों तक था।
3. प्रमुख नगर और नगर-योजना
🏛️ मोहनजोदड़ो और हड़प्पा
सिंधु नदी के किनारे स्थित इस सभ्यता के प्रमुख महानगर।
💧 धौलावीरा — गुजरात
यहाँ नगर तीन भागों में विभाजित था तथा यहाँ चट्टानों को काटकर बनाए गए विशाल जलाशय और जल संचयन प्रणाली मिली है।
🏺 राखीगढ़ी और गँवेरीवाला
राखीगढ़ी (हरियाणा) और गँवेरीवाला (पाकिस्तान) इस सभ्यता के सबसे बड़े महानगरों में शामिल थे।
🌾 कालीबंगा — राजस्थान
यहाँ जुते हुए खेत के साक्ष्य और चौड़ी सड़कें मिली हैं।
⚓ लोथल — गुजरात
यह एक प्रमुख तटीय नगर था, जहाँ पकी ईंटों से बना एक विशाल बेसिन या बंदरगाह मिला है, जो समुद्री व्यापार का प्रमाण है।
मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'महास्नानागार' लगभग 12×7 मीटर का है और ईंटों से निर्मित है। इसकी दीवारों पर जलरोधक सामग्री डामर/बिटुमन की परत चढ़ाई गई थी।
घरों का गंदा पानी ढकी हुई भूमिगत नालियों के माध्यम से सड़कों के किनारे बनी मुख्य नालियों में जाता था, जो उनकी विकसित नगर-योजना और स्वच्छता व्यवस्था को दर्शाता है।
4. खान-पान, कृषि और व्यापार
🌾 कृषि
- हड़प्पावासी जौ, गेहूँ, विभिन्न प्रकार की दालें (दलहन), मोटे अनाज और धान की खेती करते थे।
- वे यूरेशिया में सबसे पहले कपास उगाने वाले समुदायों में माने जाते हैं।
- बनावली (हरियाणा) से मिट्टी से बने हल का प्रतिरूप मिला है।
🍚 भोजन में विविधता
वैज्ञानिक जाँच से पता चलता है कि उनके भोजन में दुग्ध उत्पाद, अनाज के साथ-साथ हल्दी, अदरक और केले जैसी चीजें भी शामिल थीं।
🚢 व्यापार और मुहरें
- हड़प्पावासी ताँबा, काँसा, सोना, आभूषणों और बहुमूल्य पत्थरों जैसे गुजरात के लाल रंग के कार्नेलियन मनकों का व्यापार देश-विदेश तक करते थे।
- उनके व्यापारिक संपर्क ओमान, ईरान और मेसोपोटामिया तक थे।
- व्यापार की पहचान के लिए मुलायम पत्थर (स्टीऐटाइट) से बनी छोटी मुहरों का प्रयोग किया जाता था।
- इन मुहरों पर एकश्रृंगी पशु, बैल और बाघ आदि के चित्र तथा अज्ञात लिपि के संकेत उत्कीर्ण हैं।
5. कला और दैनिक जीवन की वस्तुएँ
💃 नर्तकी की कांस्य मूर्ति
मोहनजोदड़ो से प्राप्त लगभग 10.8 सेमी ऊँची लघु कांस्य प्रतिमा हड़प्पाकालीन धातु कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
🎲 अन्य वस्तुएँ
हाथी दाँत का कंघा (ओमान में पाया गया), तौलने के पत्थर, पकी मिट्टी (टेराकोटा) के खिलौने, सीटी और खेल-बोर्ड प्राप्त हुए हैं।
6. सभ्यता का पतन / ह्रास
लगभग 1900 सा.सं.पू. के आसपास इस सभ्यता का ह्रास होना शुरू हुआ। इसके पतन के प्रमुख कारण निम्नलिखित माने जाते हैं:
- जलवायु परिवर्तन: लगभग 2200 सा.सं.पू. से शुरू हुए जलवायु परिवर्तन और वर्षा में कमी के कारण शुष्कता बढ़ी।
- नदियों का सूखना: सरस्वती नदी का मध्य बेसिन सूख गया, जिससे लोगों को नगर छोड़ने पड़े।
🎯 प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC/REET) की दृष्टि से मुख्य परीक्षा बिंदु
- सिंधु-सरस्वती सभ्यता का उत्खनित पहला नगर कौन-सा था? हड़प्पा (1920-21)।
- मोहनजोदड़ो का प्रसिद्ध 'महास्नानागार' कहाँ स्थित है? मोहनजोदड़ो (पाकिस्तान)।
- हड़प्पा सभ्यता का कौन-सा स्थल गोदीवाला (बंदरगाह) के लिए प्रसिद्ध है? लोथल (गुजरात)।
- धौलावीरा की मुख्य विशेषता क्या है? चट्टान को काटकर बनाए गए विशाल जलाशय और तीन भागों में विभाजित नगर।
- हड़प्पा सभ्यता की मुहरें आमतौर पर किस पदार्थ से बनाई जाती थीं? स्टीऐटाइट (मुलायम पत्थर)।
बहुविकल्पीय प्रश्न एवं व्याख्या (MCQs with Explanations)
📌 Quick Revision — अध्याय 6
- भारतीय सभ्यता का प्रारंभिक नगरीकरण — सिंधु-सरस्वती / हड़प्पा सभ्यता
- परिपक्व हड़प्पा काल — 2600–1900 सा.सं.पू.
- पहला उत्खनित नगर — हड़प्पा
- प्रसिद्ध महास्नानागार — मोहनजोदड़ो
- बंदरगाह/गोदी से संबंधित प्रमुख स्थल — लोथल
- विशाल जलाशय और जल प्रबंधन — धौलावीरा
- जुते हुए खेत के साक्ष्य — कालीबंगा
- प्रमुख मुहरों का पदार्थ — स्टीऐटाइट
- प्रसिद्ध कांस्य प्रतिमा — नर्तकी
- सभ्यता के ह्रास की शुरुआत — लगभग 1900 सा.सं.पू.

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