RBSE Class 7 History Chapter 5 Notes & Model Paper: जनजातियाँ, घुमंतु और एक जगह बसे हुए समुदाय 2027

सामाजिक विज्ञान: कक्षा 7 (हमारा इतिहास - हमारे अतीत II)

अध्याय 5: जनजातियाँ, घुमंतु और एक जगह बसे हुए समुदाय

RBSE & RPSC पैटर्न आधारित संपूर्ण नोट्स एवं मॉडल प्रश्न-पत्र - 2027

📌 अध्याय का परिचय एवं मुख्य अवधारणाएँ

वर्ण समाज से परे समाज: दिल्ली सल्तनत और मुग़ल काल के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप के कई समाजों ने ब्राह्मणी व्यवस्था द्वारा निर्धारित वर्ण-नियमों और जातियों का पालन नहीं किया। इन समाजों को 'जनजातियाँ' (Tribes) कहा जाता था। जनजातीय लोग अपनी आजीविका के लिए प्रकृति पर निर्भर रहते थे और अक्सर घुमंतु जीवन जीते थे या जंगलों और पहाड़ों में बसते थे।

जनजातीय समाज की विशेषताएँ: जनजातीय समाजों के लोग संयुक्त परिवार या कबीले के रूप में रहते थे और उनके बीच संसाधनों का साझा स्वामित्व होता था। गोंड, अहोम, भील और नागा जैसी जनजातियाँ इस काल की प्रमुख जनजातियाँ थीं।

🚚 घुमंतु और खानाबदोश समुदाय

  • खानाबदोश और घुमंतु व्यापारी: घुमंतु लोग अपने मवेशियों के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते थे। बंजारे इस काल के सबसे महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध व्यापारी घुमंतु समूह थे, जो उत्तर भारत से दक्कन तक अनाज और अन्य सामानों का व्यापार करते थे।
  • खानाबदोशों का जीवन: वे अपने जानवरों (जैसे ऊँट, बैल) की पीठ पर माल ढोते थे और गाँवों तथा शहरों के बीच व्यापारिक कड़ियां जोड़ते थे।

👑 प्रमुख जनजातियाँ: गोंड और अहोम

गोंड जनजाति: गोंडवाना नामक विशाल वन प्रदेश में रहने वाले गोंड लोग स्थानान्तरित कृषि (झूम खेती) करते थे। अकबरनामा में गढ़ कटंगा के गोंड राज्य का उल्लेख मिलता है जिसमें 70,000 गाँव थे। गोंड राजाओं ने अपनी राजनीतिक शक्ति बढ़ाई और गढ़ जैसे मजबूत किले बनाए, किंतु मुग़लों के आक्रमण के बाद उनका पतन हो गया।

अहोम जनजाति: अहोम लोग वर्तमान म्यांमार से आकर ब्रह्मपुत्र घाटी में बसे थे। उन्होंने एक शक्तिशाली राज्य की स्थापना की और 'पाइक' प्रणाली (बेगार या अनिवार्य श्रम) के आधार पर अपनी सैन्य व्यवस्था चलाई। अहोम राज्य अपनी नौसेना और बारूद निर्माण के लिए भी प्रसिद्ध था।

📝 RBSE & RPSC पैटर्न आधारित संपूर्ण मॉडल प्रश्न-पत्र - 2027

पूर्णांक: 25 अंक | समय: 45 मिनट

खंड 'अ' : बहुविकल्पीय एवं विश्लेषणात्मक प्रश्न (कुल 4 अंक)

प्र.1 मध्यकालीन भारत में बंजारा (Banjara) समुदाय मुख्य रूप से किस कार्य के लिए सबसे अधिक प्रसिद्ध था?
(अ) कृषक के रूप में    (ब) घुमंतु व्यापारी के रूप में
(स) शाही सेना के सेनापति के रूप में    (द) मंदिर निर्माणकर्ता के रूप में

उत्तर: (ब) घुमंतु व्यापारी के रूप में
व्याख्या: बंजारे भारत के सबसे महत्वपूर्ण घुमंतु व्यापारी थे जो अपने कारवाओं (टांडों) के साथ अनाज और जरूरी सामान एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाते थे।


प्र.2 गढ़ कटंगा के गोंड राज्य में कुल कितने गाँवों का उल्लेख 'अकबरनामा' में मिलता है?
(अ) 10,000 गाँव    (ब) 35,000 गाँव
(स) 70,000 गाँव    (द) 1,00,000 गाँव

उत्तर: (स) 70,000 गाँव
व्याख्या: अबुल फजल रचित अकबरनामा के अनुसार गढ़ कटंगा एक समृद्ध गोंड राज्य था जिसमें लगभग 70,000 गाँव शामिल थे।


प्र.3 अहोम जनजाति के लोगों ने वर्तमान किस नदी घाटी में आकर अपने शक्तिशाली राज्य की स्थापना की थी?
(अ) सिंधु नदी घाटी    (ब) ब्रह्मपुत्र नदी घाटी
(स) नर्मदा नदी घाटी    (द) कावेरी नदी घाटी

उत्तर: (ब) ब्रह्मपुत्र नदी घाटी
व्याख्या: अहोम लोग 13वीं शताब्दी में म्यांमार (बर्मा) से आकर ब्रह्मपुत्र घाटी में बसे थे और एक नई राजनीतिक व्यवस्था बनाई।


प्र.4 अहोम राज्य में सेवा या श्रम देने के लिए मजबूर किए जाने वाले लोगों की व्यवस्था को क्या कहा जाता था?
(अ) पाइक प्रणाली    (ब) जागीरदारी प्रथा
(स) मनसबदारी प्रणाली    (द) इक्ता व्यवस्था

उत्तर: (अ) पाइक प्रणाली
व्याख्या: अहोम राज्य में हर गाँव अपनी आबादी के अनुपात में बारी-बारी से सैनिक सेवा देता था जिन्हें 'पाइक' कहा जाता था।

खंड 'ब' : अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (कुल 4 अंक)

प्र.5 मध्यकाल में भारतीय समाज में वर्ण व्यवस्था के नियमों को न मानने वाले समाजों को सामान्यतः किस नाम से पुकारा जाता था?

उत्तर: जनजातियाँ (Tribes)।
व्याख्या: ये समाज जातिगत ऊँच-नीच और ब्राह्मणों द्वारा तय नियमों से बाहर रहते थे।

प्र.6 बंजारे लोगों के व्यापारिक कारवाड़े (समूह) को इतिहास में किस नाम से जाना जाता था?

उत्तर: टांडा (Tanda)।
व्याख्या: बंजारों के काफिले या कारवाँ को 'टांडा' कहा जाता था।

प्र.7 गोंड जनजाति मुख्य रूप से किस भौगोलिक या वन क्षेत्र में निवास करती थी?

उत्तर: गोंडवाना (जो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमाओं से लगा क्षेत्र है)।
व्याख्या: यह क्षेत्र घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ था।

प्र.8 अहोम राज्य द्वारा अपनी सेना और निर्माण कार्यों के लिए किस विशेष तकनीक का बड़े पैमाने पर विकास किया गया था?

उत्तर: बारूद और तोपें बनाने की तकनीक, तथा मजबूत नौकाओं का निर्माण।
व्याख्या: अहोम जल युद्ध और तोप निर्माण में अत्यधिक कुशल थे।

खंड 'स' : लघु उत्तरीय प्रश्न (कुल 9 अंक)

प्र.9 जनजातीय समाजों की मुख्य सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताएँ क्या थीं?

  • जनजातीय समाज के लोग अक्सर रिश्तेदारी के बंधनों (कबीले) से जुड़े होते थे।
  • उनकी अपनी संस्कृति, भाषा, रीति-रिवाज और देवी-देवता होते थे।
  • उनके पास भूमि और संसाधनों पर व्यक्तिगत अधिकार के बजाय पूरे कबीले का साझा अधिकार होता था।

व्याख्या: ये समाज मुख्य धारा के शहरी और कृषक समाजों से काफी अलग और स्वायत्त जीवन जीते थे।

प्र.10 घुमंतु व्यापारियों (विशेषकर बंजारों) की अर्थव्यवस्था में क्या भूमिका थी?

  • वे गाँव और शहरों के बीच व्यापारिक संपर्क का मुख्य जरिया थे।
  • सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी और मुग़ल सम्राट भी अपनी सेना के लिए रसद और अनाज ढोने के वास्ते बंजारों पर निर्भर रहते थे।
  • वे बैल और अन्य जानवरों की पीठ पर नमक, अनाज और अन्य वस्तुएँ दूर-दराज के इलाकों में ले जाते थे।

व्याख्या: वे मध्यकालीन भारत की आंतरिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते थे।

प्र.11 गोंड जनजाति के इतिहास और उनके राज्यों के प्रशासनिक स्वरूप का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

  • गोंड समाज 'गढ़' के रूप में संगठित था, जो आगे 'चालीस गाँवों' की इकाइयों (चौरसी) और बारह गाँवों के समूहों (बरहोती) में बँटे थे।
  • जब दिल्ली सल्तनत और मुग़लों का विस्तार हुआ, तो गोंड राजाओं ने अपनी शक्ति बढ़ाई और महफूज किले बनाए।
  • रानी दुर्गावती ने अपने पुत्र की ओर से इस राज्य का शासन बहुत कुशलता से संभाला था।

व्याख्या: यह इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज ने समय के साथ राजनीतिक संगठन और राजशाही प्रणालियों को अपना लिया था।

खंड 'द' : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (कुल 8 अंक)

प्र.12 अहोम राज्य के राजनीतिक संगठन, सैन्य व्यवस्था और उनकी प्रशासनिक सफलताओं का विस्तृत विश्लेषण कीजिए।

  • उत्पत्ति: अहोम लोग 13वीं सदी में ब्रह्मपुत्र घाटी में आए और स्थानीय भू-स्वामियों (भुओं) को हराकर एक नया राज्य बनाया।
  • सैन्य व्यवस्था: उनका पूरा राज्य 'पाइक' प्रणाली पर आधारित था जहाँ हर परिवार युद्ध के समय सैनिक सेवा देता था।
  • प्रशासनिक कौशल: उन्होंने नए इलाकों को जीता, सिंचाई व्यवस्था (बँध और नहरें) का विकास किया और अपनी शक्तिशाली नौसेना तैयार की।
  • सांस्कृतिक प्रभाव: उन्होंने स्थानीय कला, साहित्य और संस्कृति को संरक्षण दिया।

व्याख्या: अहोम राज्य पूर्वोत्तर भारत के सबसे लंबे समय तक टिकने वाले और शक्तिशाली साम्राज्यों में से एक था।

प्र.13 मध्यकाल के दौरान जनजातीय समाजों और मुख्यधारा के जाति-आधारित समाज के बीच किस प्रकार के अंतर्संबंध और बदलाव देखने को मिले?

  • परस्पर संपर्क: जैसे-जैसे वनों की कटाई और खेती का विस्तार हुआ, जनजातीय और गैर-जनजातीय समाज एक-दूसरे के संपर्क में आए।
  • जाति व्यवस्था में समावेशन: कई शक्तिशाली जनजातीय सरदार और कबीले हिंदू समाज की जातियों में शामिल हो गए (जैसे गोंड शासकों ने खुद को राजपूत के रूप में स्थापित किया)।
  • संघर्ष: अपनी स्वायत्तता बचाने के लिए कई जनजातियों ने मुग़लों और अन्य शासकों के खिलाफ लंबे संघर्ष भी किए (जैसे असम में अहोमों द्वारा मुग़लों का प्रतिरोध)।

व्याख्या: यह प्रक्रिया दर्शाती है कि भारतीय समाज में जनजातियाँ पूरी तरह अलग-थलग नहीं थीं, बल्कि वे निरंतर बदलते राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तनों का हिस्सा थीं।

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